May 2021

 

uddhav thackeray

मुंबई

राज्य में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने में दिन-रात काम करने वाले डॉक्टरों की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सराहना की है. रविवार को वर्चुअल माध्यम से राज्य टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की बैठक आयोजित की गई जिसमें डॉक्टरों से संवाद करते हुए सीएम ने पूछा कि कोरोना पर लगाम कसने के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए, जिससे मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें. संवाद के दौरान सीएम ने डॉक्टरों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री डॉक्टरों के साथ दो बार बैठक कर चुके हैं. पहली बैठक में करीब 300 और दूसरी बैठक में 700 डॉक्टरों के साथ सीएम ने कोरोना के संबंध में चर्चा की. सीएम ठाकरे ने डॉक्टरों के सुझावों को ध्यान से सुना और कहा कि इसे लागू करने के लिए सरकार जरूर विचार करेगी।

तीसरी लहर के लिए तैयार रहने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले  स्वास्थ्यकर्मियो की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है. आज देश में भी इनके प्रयासों की चर्चा हो रही है. उन्होंने डॉक्टरों से कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए आह्वान किया। कोरोना काल में फैमिली डॉक्टरों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्योंकि किसी भी छोटी या बड़ी बीमारी में मरीज सबसे पहले अपने नजदीकी पारिवारिक डॉक्टर से संपर्क करता है। उन्होंने कहा कि यदि आप ‘मेरे डॉक्टर’ बनकर आम जनता का मार्गदर्शन करते हैं, तो इस बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है.

कोविड सेंटरों में निजी डॉक्टरों से सेवा देने की अपील  

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को मात देने के लिए प्राइवेट डॉक्टरों को जंबो कोविड सेंटरों पर अपनी सेवा देनी चाहिए। इसके लिए कोविड सेंटर में जाकर अपना नाम रजिस्ट्रेशन करना चाहिए। राज्य में 1,270 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता था, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए उत्पादन बढ़ाकर 1,700 मीट्रिक टन कर दिया है।

टास्क फोर्स ने किया शंकाओं का समाधान

बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. प्रदीप व्यास,  मुख्य सचिव, डॉ. संजय ओक, डॉ. शशांक जोशी, डॉ. राहुल पंडित और टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. तत्याराव लहाने ने कोविड के उपचार के तरीकों पर डॉक्टरों का मार्गदर्शन किया, साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान किया। लहाने ने विस्तार से बताया कि कोरोना पीड़ित मरीज को कितना स्टेरॉयड, छह मिनट के वॉक टेस्ट का महत्व, कैसे पहचानें कि ऑक्सीजन की कब आवश्यकता है, फंगल श्लेष्म मायकोसिस में क्या इलाज करना है, ऑक्सीजन का स्तर जोखिम में क्या है, कब और कितनी मात्रा में रेमडेसिविर का उपयोग करना है. इन सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई।

तीसरी लहर को लेकर बच्चों पर रखी जाए नजर

बैठक में कोरोना की आने वाली संभावित तीसरी लहर में बच्चों की देखभाल को लेकर राज्य के बालरोग विशेषज्ञों की एक टास्क फोर्स  के गठन पर चर्चा की गई. साथ ही बच्चों में उनके व्यवहार में परिवर्तन, बुखार, दस्त, कमी या असंतोष जैसे लक्षणों पर भी ध्यान दिया जाना है। इसके साथ उन्हें दूध और पौष्टिक आहार देने के लिए माता-पिता को प्रेरित किया जाना चाहिए।

आयुर्वेदिक और होमियोपैथिक डॉक्टरों को शामिल करने का सुझाव  

बैठक में शामिल कुछ डॉक्टरों ने टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों से कोरोना की लड़ाई में काम करने वाले आयुर्वेद और होमिओपैथ के  डॉक्टरों को भी इसमें शामिल करने का सुझाव दिया।


मरीजों को घरेलू उपचार की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि तबियत ख़राब होने पर फैमिली डॉक्टर से जांच कराने के बाद अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो लोगों को तत्काल घर पर ही उपचार शुरू कर देना चाहिए। हलके लक्षण वाले मरीज घरेलु उपचार से स्वस्थ्य हो जाएंगे। इस भंयकर बीमारी में सोच  पॉजिटिव रखना आवश्यक है, ताकि मानसिक तकलीफ न हो. यदि स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, तो समय पर अस्पताल में भर्ती करना चाहिए। सीएम ने कहा कि डॉक्टरों को व्यक्तिगत रूप से उन मरीजों पर ध्यान देने की जरूरत है जिनका उपचार घर पर चल रहा है. प्रोटोकॉल के तहत उनका उपचार चल रहा है कि नहीं इसकी पूरी जानकारी वार्ड अधिकारियों को दी जानी चाहिए।



 

oxygen

मुंबई

भारतीय रेल वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोगों को राहत पहुंचा रही है। रेलवे ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 268 टैंकरों में लगभग 4200 मैट्रिक टन चिकित्सा उपयोग हेतु ऑक्सीजन की आपूर्ति की है। इसमें से महाराष्ट्र को 293 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 68 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है।

अब रेलवे ने और अधिक शहरों में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस क्रम में कानपुर में पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची। रेलवे द्वारा की जा रही ऑक्सीजन की ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है और ढुलाई से जुड़े आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।

किस राज्य को कितनी ऑक्सीजन

महाराष्ट्र : 293 मैट्रिक टन  

उत्तर प्रदेश : 1230 मैट्रिक टन

मध्य प्रदेश :  271 मैट्रिक टन

हरियाणा : 555 मैट्रिक टन,

तेलंगाना : 123 मैट्रिक टन

राजस्थान :  40 मैट्रिक टन

दिल्ली : 1679 मैट्रिक टन



 

oxygen

मुंबई

भारतीय रेल वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोगों को राहत पहुंचा रही है। रेलवे ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 268 टैंकरों में लगभग 4200 मैट्रिक टन चिकित्सा उपयोग हेतु ऑक्सीजन की आपूर्ति की है। इसमें से महाराष्ट्र को 293 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 68 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है।

अब रेलवे ने और अधिक शहरों में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस क्रम में कानपुर में पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची। रेलवे द्वारा की जा रही ऑक्सीजन की ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है और ढुलाई से जुड़े आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।

किस राज्य को कितनी ऑक्सीजन

महाराष्ट्र : 293 मैट्रिक टन  

उत्तर प्रदेश : 1230 मैट्रिक टन

मध्य प्रदेश :  271 मैट्रिक टन

हरियाणा : 555 मैट्रिक टन,

तेलंगाना : 123 मैट्रिक टन

राजस्थान :  40 मैट्रिक टन

दिल्ली : 1679 मैट्रिक टन



 

rashmi shukla

मुंबई

आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला से जल्द ही गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में पूछताछ की जाएगी। उनका बयान दर्ज करने के लिए सायबर अपराध टीम हैदराबाद जा सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार या मंगलवार को यह टीम हैदराबाद पहुंचेगी और उनसे पूछताछ करेगी। वो सभी प्रश्न भी तैयार कर लिए गए हैं, जो उन्हें पूछा जाना है।  रश्मि शुक्ला महाराष्ट्र महाराष्ट्र कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। फिलहाल वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में हैदराबाद में कार्यरत हैं। सायबर पुलिस ने उन्हें दो बार सम्मन भेजकर उनके मुंबई स्थित आवास पर बयान दर्ज करवाने के लिये कहा था, लेकिन दूसरा सम्मन मिलने के बाद रश्मि शुक्ला ने सम्मन के विरोध में बॉम्बे उच्च न्यायालय में पिटीशन फाइल किया था, जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तार न करने के लिए कहते हुए उनका बयान हैदराबाद जाकर दर्ज करने के लिए कहा था, जिसके बाद अब उपायुक्त के नेतृत्व में जांच अधिकारी एन के जाधव और अन्य पुलिस अधिकारी हैदराबाद जाकर उनसे पूछताछ कर उनका स्टेटमेंट दर्ज करेंगे। शुक्ला ने महाराष्ट्र राज्य में गुप्तचर विभाग की प्रमुख रहते हुए गोपनीय रिपोर्ट तैयार की थी। यह रिपोर्ट लीक हुई थी, जिसे नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने दिखाया था। इसी के बाद मुख्य सचिव ने रिपोर्ट तैयार की जिसके आधार पर मुंबई पुलिस की सायबर अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज किया। 



 

sanjay raut

मुंबई

2014 लोकसभा चुनाव से लगातार बैकफुट पर जा रही कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव तक क्या यूपीए का नेतृत्व करने लायक रहेगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है। रविवार को पार्टी के मुखपत्र के माध्यम से शिवसेना सांसद एवं प्रवक्ता संजय राउत ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। राज्य की महाविकास आघाडी सरकार की सहयोगी कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए राउत ने कहा कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल में विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। ममता बनर्जी की जीत पर  ख़ुशी है, लेकिन कांग्रेस की हुई हार ठीक नहीं है।  राउत ने आगे कहा कि 2024 के चुनावी परिदृश्य में कांग्रेस कहां होगी इस पर विचार करने की जरूरत है। ममता बनर्जी की जीत के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में कोई नई दिशा मिलेगी क्या ? विपक्ष अगर एक साथ गठबंधन की कोशिश करता है तो उसका नेत़ृत्व कौन करेगा ? यह एकमत से तय हो जाना चाहिए। उसमें कांग्रेस की भी सहमति होनी चाहिए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राउत ने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस के स्थान पर अन्य पार्टी के नेता को नेतृत्व करने की जरूरत है। 



जयंत पाटिल की मांग  

jayant patil

मुंबई

राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर्मवीर भाऊराव पाटिल को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। पाटिल ने तीन साल पहले यह मांग की थी। रविवार को कर्मवीर भाऊराव पाटिल की स्मृति दिवस पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फिर यह मांग की। पाटिल ने कहा कि कर्मवीर भाऊराव पाटिल ने रयत शिक्षण संस्था के माध्यम बहुजनों को शिक्षा की तरफ मोड़ा। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजनों की शिक्षा के लिए समर्पित किया, ऐसे में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए। पाटिल ने तीन साल पहले यह मांग की थी। कर्मवीर भाऊराव पाटिल ने संकल्प लिया था कि उनकी दाढ़ी में जितने बाल हैं, उतने लोगों को शिक्षित करेंगे। इसके बाद उन्होंने रयत शिक्षा संस्थान की स्थापना की और निरंतर ज्ञानोदय का कार्यक्रम चलाया। जयंत पाटिल ने कहा कि रयत शिक्षण संस्थान नामक बरगद का पेड़ आज भी खड़ा है और गरीब बच्चों को शिक्षित कर रहा है।



 कैटरीना कैफ का फिटनेस रुटीन

 


बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ की सुंदरता के सभी दीवाने हैं। 37 साल की उम्र में उन्होंने खुद को जिस तरह से फिट रखा हुआ है वो काबिले तारीफ है। कैटरीना कैफ निश्चित रूप से बॉलीवुड में सबसे फिट अभिनेत्रियों की लिस्ट में नंबर वन पर आती हैं। अच्छी दिखने वाली बॉडी को बिना किसी मेहनत के हासिल नहीं किया जा सकता है, ये बात कैटरीना खूब समझती हैं, इसी वजह से कैटरीना कभी भी अपनी फिटनेस के साथ समझौता नहीं करती।

अपनी बॉडी को शेप में रखने के लिए कैटरीना कैफ नो शॉर्टकट्स में यकीन रखती हैं। कैटरीना पिलेट्स करती है क्योंकि ये आपके कोर पर काम करता है। इसके अलावा वो कार्डियो करना भी पसंद करती हैं। कटरीना के हर वर्कआउट प्लान में ऐसे व्यायाम शामिल होते हैं जो उनके शरीर की ताकत और लचीलेपन को बढ़ाते हैं। इसके अलावा बात करें कैटरीना कैफ के डाइट प्लान की तो हर दिन वो अपने खाने में पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, कार्ब्स और स्वस्थ वसा लेती हैं। जिसमें सैंडविच, फल, मछली सूप और अंडे का सफेद भाग शामिल है। कैटरीना के अनुसार ये भी जरूरी है कि आप उस वर्कआउट से प्यार करें जो आप करते हैं, नहीं तो आपको इसमें मजा नहीं आएगा और इसलिए आप लंबे समय पर इसे कंटिन्यू नहीं कर पाएंगे।



 

shahrukh sanjay

दुनिया 2020 को कई बुरी वजहों से याद करेगा, लेकिन शाहरुख खान के फैंस यह साल इसलिए याद करेंगे, क्योंकि 2020 में इंटरनेट पर यह सवाल छाया हुआ था कि 'शाहरुख की अगली फिल्म कौन सी है?' तब उनका नाम बॉलीवुड के हर एक मुमकिन डायरेक्टर के साथ जोड़ा गया था, लेकिन कोई भी सही-सही अंदाजा नहीं लगा पाया था। राजकुमार हिरानी, ​​एटली से लेकर आदित्य चोपड़ा तक, उनके हर बड़े निर्देशक की फिल्म में काम करने की अफवाह फैली हुई थी। इससे पहले 2017 में, संजय लीला भंसाली के साथ किंग खान के साथ आने की रिपोर्ट्स थीं। अब फिर से ऐसी खबरें आ रही हैं। कुछ ताजा रिपोर्ट्स, शायद शाहरुख के फैंस को रोमांचित कर सकें। हालांकि, शाहरुख और भंसाली की जोड़ी को साथ आए दो दशक से ज्यादा समय हो गए हैं। वे आखिरी बार देवदास के लिए साथ आए था। आज कई फैंस फिर से इस जोड़ी को साथ देखना चाहते हैं। जिस फिल्म को लेकर इतनी बात हो रही है, उसका नाम है- 'इजहार' यह संजय लीला भंसाली की एक रोमांटिक फिल्म है, जिसमें वे शाहरुख खान को कास्ट करना चाहते थे। रिपोर्ट के अनुसार, इजहार एक ऐसी फिल्म थी, जिसे भंसाली लगभग चार साल पहले शाहरुख के साथ करना चाहते थे। यह एक भारतीय लड़के और एक नार्वे की लड़की के इर्द-गिर्द घूमती एक प्रेम कहानी है।


rahul vohra

यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों फैन फॉलोइंग वाले अभिनेता राहुल वोहरा का कोरोना सेa रविवार सुबह 6:30 बजे निधन हो गया। 23 घंटे पहले ही राहुल ने फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी जिसमे उन्होंने लिखा था, मुझे भी अच्छा ट्रीटमेंट मिल जाता तो मैं भी बच जाता, तुम्हारा राहुल वोहरा। जल्दी जन्म लूंगा और अच्छा काम करूंगा, अब हिम्मत हार चुका हूं।

राहुल वोहरा 5 दिन पहले अपने लिए ऑक्सीजन बेड की गुहार लगा रहे थे। ऑक्सीजन लेवल हर रोज़ गिरता जा रहा था। उन्होंने लिखा था, मैं कोविड पॉजिटिव हूं,एडमिट हूं। लगभग 4 दिनों से कोई रिकवरी नहीं हुई है। क्या कोई ऐसा अस्पताल है जहां ऑक्सीजन बेड मिल जाए? मेरा ऑक्सीजन लेवल लगातार गिरता जा रहा है और कोई देखने वाला नहीं है। मैं बहुत मजबूर होकर ये पोस्ट कर रहा हूं क्योंकि घरवाले कुछ संभाल नहीं पा रहे।

अस्मिता थियेटर ग्रुप के प्रमुख और समाजसेवी अरविंद गौड़ अपने आधिकारिक ट्विटर पर राहुल वोहरा के निधन से सबंधित जानकारी देते हुए लिखते हैं, राहुल वोहरा चला गया। मेरा होनहार एक्टर अब नहीं रहा।



 

mahira khan

पाकिस्तानी फिल्म इंडस्ट्री की मशहूर अभिनेत्री माहिरा खान सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं। अक्सर अपने पर्सनल लाइफ से जुड़े अपडेट्स वह फैंस के साथ शेयर करती हैं। अब खबर आ रही है कि जल्द ही वह एक भारतीय सीरीज का हिस्सा बनने वाली हैं। जी हां, पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान ज़ी थिएटर के शो यार जुलाहे में नजर आने वाली हैं। इस बात की जानकारी खुद ज़ी थिएटर के ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई है, जिसमें कई कलाकारों के साथ माहिरा खान की भी तस्वीर दिखाई दे रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, माहिरा खान इस सीरीज में लेखक और गीतकार गुलजार की लिखी कविताओं को अपने अंदाज में पढ़ती नजर आएंगी। इस सीरीज का पहला एपिसोड आने वाले 15 मई को टाटा स्काई पर दोपहर 2 बजे ऑन एयर किया जाएगा।


 

aliya bhatt

समर सीजन के लिए कुछ ड्रेसेस ऐसी होती हैं, जिन्हें पहनने से आपको कूल लुक मिलता है। जैसे, अगर आप समर सीजन में टी-शर्ट के अलावा अगर कोई और ड्रेस ट्राई करना चाहते हैं, तो आपको फ्लोरल टॉप या ड्रेसेस जरूर कैरी करनी चाहिए। हाल ही में आलिया भट्ट ने ऐसी स्टाइलिश ड्रेस कैरी की, जो समर सीजन के हिसाब परफेक्ट लग रही है।

आलिया की यह ड्रेस वाइट कलर की थी, जिसमें ब्लू और यैलो मिनी फ्लोरल प्रिंट थे। इस ड्रेस की सबसे खास इसकी रफल स्लीव्स थीं, जो इस ड्रेस को डिफरेंट बना रही थी। वहीं, अपने लुक को कैजुअल रखने के लिए आलिया ने बन बनाया हुआ था। मिनिमल मेकअप के साथ आलिया बेहद खूबसूरत नजर आ रही हैं।

आलिया फैशन के मामले में हमेशा एक्सपेरिमेंट करते रहती हैं। हर बार वो अलग अंदाज और लुक के नजर आती हैं। 



 

काशी में DRDO अस्पताल का किया निरीक्षण

yogi adityanath

वाराणसी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को कोविड संक्रमण के प्रशासनिक उपायों की समीक्षा करने के लिए वाराणसी पहुंचे हैं। जहां मुख्यमंत्री ने वाराणसी के बीएचयू में डीआरडीओ द्वारा संचालित अस्पताल का निरीक्षण किया। योगी ने हॉस्पिटल में लगे सभी सुविधाओं का निरीक्षण किया, उन्होंने ऑक्सीजन से लेकर के दवाइयों के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। वहीं दोपहर 2:25 बजे बीएचयू स्पोर्ट्स कांप्लेक्स के बाद बीएचयू सभागार में वाराणसी जिले के जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ दोपहर ढाई बजे से चार बजे तक वह बैठक करेंगे। इसके अलावा वाराणसी मंडल के अन्य जिलों के अधिकारियों से वर्चुअल माध्‍यम से बात करेंगे। इससे पहले सीएम योगी शनिवार को 

मुरादाबाद और बरेली के दौरे पर गए थे। बरेली में पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ वर्तमान में जो देश की लड़ाई चल रही है उसमें सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश प्रभावी ढंग से लड़ाई लड़ रहा है। मुख्‍यमंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रशासनिक मशीनरी कोरोना की दूसरी लहर पर अंकुश लगाने में सफल होगी। पप उन्होंने अपील करते हुए कहा कि खुद का बचाव करते हुए कोरोना के प्रति व्यापक जागरूकता का कार्यक्रम जरूर चलाएं और अगर आवश्यक ना हो तो घर से बाहर ना निकलें, अगर निकलना भी पड़े तो अनिवार्य रूप से मास्‍क लगाएं और दो गज दूरी का पालन जरूर करें।



 


बक्सर

कोरोना संक्रमण के बीच जब लोग अपनों को खो रहे हैं, तब मुक्तिधाम में लोगों की तकलीफों के सौदागर शवदाह में अपना मुनाफा ढूंढ़ रहे हैं। लकड़ी बेचने वालों से लेकर कर्मकांड कराने वाले और मुक्तिधाम के ठेकेदार लाश के नाम पर अपनी झोली भर रहे हैं। नतीजा यह है कि जो उनके मुंहमांगे खर्च का वहन करने में असमर्थ हैं, उन्होंने अपने स्वजनों के शवों को मजबूरी में सीधे गंगा में प्रवाह कर दिया। एक सप्ताह के भीतर चौसा के महादेवा घाट पर दर्जनों शवों का जल प्रवाह किया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश को ताक पर रख गंगा में शवों के बहाए जाने से मोक्षदायिणी का पवित्र जल प्रदूषित हो रहा है। रविवार को जल-प्रवाह हुए करीब 30 शव गंगा के किनारे आकर लग गए, तब प्रशासन को इसकी जानकारी हुई।

वीभत्स हो गया नजारा

गिद्ध और कुत्ते शवों को नोच-नोच कर अपना आहार बना रहे थे, जिससे कि वहां नजारा और भी वीभत्स हो गया था। स्थानीय अधिकारियों की तरफ से भी इसे साफ करने को लेकर कोई पहल नहीं की गई। ऐसे में परेशान हो चुके स्थानीय लोगों ने मीडिया को इस बात की जानकारी दी। चौसा प्रखंड के पवनी गांव के निवासी अनिल कुमार सिंह कुशवाहा ने बताया कि चौसा, मिश्रवलिया, कटघरवा सहित दर्जनों गांव के लोग घाट पर शवदाह के लिए आते हैं लेकिन, यहां की स्थिति देखकर अब वह दहशत से भर गए हैं। पहले जहां पांच से छह हजार रुपए में अंतिम संस्कार हो जाया करता था वहां अब 14 से 15 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। 

इलाज में ही टूट गए, कहां से कराएं संस्कार

गंगा नदी के किनारे बसे कई अन्य गांवों के लोग जो गंगा के जल का इस्तेमाल करते हैं वह भी यहां शवों का अंबार देख भयाक्रांत हो गए हैं। निश्चित रूप से इस तरह के स्थिति सामने आने के बाद अब दूसरे तरह की महामारी जन्म लेगी। गांव के लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों के भीतर कई ऐसे लोग यहां आए जो शव को सीधे गंगा में प्रवाह कर चले गए। उन लोगों का कहना था कि जिसके शव का प्रवाह करने आए हैं, उसके इलाज में ही वे लोग टूट चुके हैं और इतने पैसे नहीं हैं कि श्मशाम घाट पर शव का विधिवत दाह संस्कार करा सकें।

मुक्तिधाम धाम में नहीं है विद्युत शवदाह गृह

बक्सर में चरित्रवन मुक्तिधाम में दाह संस्कार के लिए कई जिलों से लोग आते हैं, लेकिन यहां अबतक विद्युत शवदाह गृह नहीं बन सका। वर्तमान में नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा घाटों के सौंदर्यीकरण के लिए करोड़ों रुपयों का खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन विद्युत शवदाह गृह बनाए जाने की योजना केवल फाइलों में ही है। चौसा के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता अश्विनी कुमार वर्मा बताते हैं कि मुक्तिधाम में विद्युत शवदाह गृह होता तो लोग मामूली खर्च में लोग शवों का दाह संस्कार कर सकते थे।



 

 कोरोना पर मंथन


नई दिल्ली

कोरोना वायरस की दूसरी लहर भारत पर कहर बन कर बरस रही है। कोरोना से लड़ी जा रही इस लड़ाई में केंद्र सरकार राज्यों के साथ मिलकर काम कर रही है। इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कोरोना की स्थिति का जायजा लेने के लिए बात कर रहे हैं। भारत सरकार के सूत्रो ने कहा है कि प्रधानमंत्री पीएम मोदी ने कोरोना वायरस की स्थिति जानने के लिए पंजाब, कर्नाटक, बिहार और उत्तराखंड के मुख्यमंत्रियों से बात की। कोरोना वायरस को हराने की अपनी कोशिशों में लगे पीएम मोदी लगातार देशभर के 

मुख्यमंत्रियों के साथ बातचीत कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। भारत में कोरोना वायरस की दूसरी लहर से महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। देशभर में जारी कोरोना वायरस के खतरनाक प्रकोप के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से बात कर राज्य में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति पर चर्चा की।

 

डॉक्टर बोले- इनसे दूसरों को ज्यादा खतरा


कोलकाता

देशभर में कोरोना वैक्सीन की पहली या दोनों डोज लगवाने के बाद लोगों के संक्रमित होने के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। ज्यादातर मामलों में देखा गया है कि ऐसे मरीज अपेक्षाकृत जल्दी ठीक हो रहे हैं और कई मामलों में उनके गंभीर होने की नौबत नहीं आती है। हालांकि ऐसे मरीज बिना वैक्सीन लेने वाले लोगों के लिए बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं और एक तरह के 'सुपर स्प्रेडर' साबित हो सकते हैं। डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने अपनी हालिया स्टडी में ये चिंताएं जाहिर की हैं।

वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद संक्रमित हो रहे लोग

ऐसे कई मामले हैं, जहां वैक्सीन की पहली डोज लगने के बाद लोगों में कोरोना संक्रमण के लक्षण दिखने शुरू हो गए। हालांकि डॉक्टर ऐसे लोगों को लेकर ज्यादा चिंतित हैं, जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी है और इन लोगों के संपर्क में आए हैं, मगर कोई लक्षण नहीं है। ऐसे लोग दूसरों के लिए एक बड़ा खतरा हैं।

अस्पतालों में भर्ती ज्यादातर गंभीर मरीज बिना वैक्सीन वाले हैं

अस्पतालों में अधिकांश गंभीर मामले ऐसे हैं, जिनके वैक्सीन नहीं लगी है। हालांकि वे संक्रमित कहां से हुए, इसके कई सोर्स हो सकते हैं। डॉक्टरों का अनुमान है कि उनमें से कुछ को संक्रमित परिवार के सदस्यों से संक्रमण हुआ होगा जो खुद संक्रमित हो गए थे, मगर असिम्टोमैटिक थे।

'पहली डोज के बाद एंटीबॉडी बनने में 6-8 हफ्ते लगते हैं बशर्ते...'

पियरलेस हॉस्पिटल में क्लिनिकल डायरेक्टर (रिसर्च एंड एकेडमिक्स) शुभ्रोज्योति भौमिक ने कहा कि वैक्सीन की पहली डोज लेने वाले शख्स में एंटीबॉडी के मैक्सिमम लेवल को पाने में करीब छह-आठ हफ्ते का समय लग सकता है, बशर्ते दूसरी खुराक भी दिलाई गई हो। उन्होंने कहा कि 'इस बीच की अवधि में, वह शख्स संक्रमण के लिए अतिसंवेदनशील होता है, लेकिन अधिकांश मामलों में, वह असिम्टोमैटिक रहेगा। इसलिए, वे यह नहीं जान पाएंगे कि वे संक्रमित हैं और अपने आस-पास के लोगों को संक्रमित करेंगे।' क्लिनिकल ट्रायल विशेषज्ञ और स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के क्लिनिकल और प्रायोगिक फार्माकोलॉजी के पूर्व प्रमुख, शांतनु त्रिपाठी ने भी आगाह किया कि वैक्सीन के बाद मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग जैसी सावधानियां बरतना छोड़ देना खतरे को बुलावा देना है। उन्होंने कहा, 'वैक्सीन वायरस के प्रसार को रोकने के लिए नहीं है। यह वायरस के खिलाफ एक व्यक्ति की इम्युनिटी को बढ़ाती है और संक्रमण की गंभीरता को कम करती है। इसलिए कोई शख्स वैक्सीन लेने के बाद अपेक्षाकृत सुरक्षित हो सकता है, मगर उसके आसपास के अन्य लोग नहीं हो सकते हैं।'



 

bumrah

नई दिल्ली

वेस्टइंडीज के पूर्व दिग्गज तेज गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोस ने कहा है कि भारत के तेज गेंदबाजी आक्रमण के अगुआ जसप्रीत बुमराह उन अन्य गेंदबाजों से काफी अलग हैं जिन्हें उन्होंने देखा है और अगर वह फिट रहते हैं तो टेस्ट क्रिकेट में 400 विकेट की उपलब्धि हासिल कर सकते हैं।

 वेस्टइंडीज की ओर से 98 टेस्ट में 20.99 की औसत से 405 विकेट चटकाने वाले एम्ब्रोस ने कहा कि मौजूदा भारतीय गेंदबाजों में वह बुमराह से सबसे अधिक प्रभावित हैं।

एम्ब्रोस ने यू-ट्यूब पर ‘कर्टली एंड करिश्मा शो’ पर कहा, ‘‘भारत के पास कुछ अच्छे तेज गेंदबाज हैं। मैं जसप्रीत बुमराह का बड़ा प्रशंसक हूं। मैंने जिन गेंदबाजों को देखा है वह उनसे काफी अलग है। वह इतना अधिक प्रभावी है और मुझे उम्मीद है कि वह काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा।’’

शानदार यॉर्कर फेंकता है

यह पूछने पर कि क्या यह 27 वर्षीय तेज गेंदबाज 400 टेस्ट विकेट हासिल कर सकता है तो एम्ब्रोस ने कहा, ‘‘वह जब स्वस्थ और फिट रहता है और पर्याप्त समय तक खेलता है तो ऐसा कर सकता है। वह गेंद को सीम और स्विंग कर सकता है और शानदार यॉर्कर फेंकता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उसके पास काफी क्षमता है। इसलिए अगर वह लंबे समय तक खेल पाया तो मुझे यकीन है कि वह यह उपलब्धि हासिल कर सकता है।’’

बुमराह ने 19 टेस्ट में 22.10 की प्रभावी औसत से चटकाए हैं 83 विकेट 

वर्ष 2018 में टेस्ट पदार्पण करने वाले बुमराह ने सिर्फ 19 टेस्ट में 22.10 की प्रभावी औसत से 83 विकेट चटकाए हैं और भारतीय टीम का अहम हिस्सा हैं। हमवतन कर्टनी वॉल्श के साथ मिलकर टेस्ट इतिहास की सबसे खतरनाक तेज गेंदबाजी जोड़ियों में से एक बनाने वाले एम्ब्रोस का मानना है कि भारतीय तेज गेंदबाज अपने छोटे रन अप से अपने शरीर पर कुछ अधिक दबाव डालता है। उन्होंने कहा, ‘‘तेज गेंदबाजी आम तौर पर लय से जुड़ी होती है। इसलिए गेंदबाजी करने से पहले आपको अच्छी लय की जरूरत होती है।’’ एम्ब्रोस ने कहा, ‘‘बुमराह का रन अप काफी छोटा है। वह रन अप में अधिकांश समय चलता है और गेंद फेंकने से पहले शायद एक या दो या तीन कदम में हल्की तेजी दिखाता है। इसका मतलब है कि वह अपने शरीर पर कुछ अधिक दबाव डाल रहा है लेकिन अगर वह मजबूत रह पाता है तो मुझे लगता है कि कोई समस्या नहीं है।’’ 

मैं जसप्रीत बुमराह का बड़ा प्रशंसक हूं। मैंने जिन गेंदबाजों को देखा है वह उनसे काफी अलग है। वह इतना अधिक प्रभावी है और मुझे उम्मीद है कि वह काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा।

- कर्टली एम्ब्रोस



 

virat kohli

नई दिल्ली

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने रविवार को कोरोनावायरस महामारी से लड़ रहे हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स के प्रति आभार व्यक्त किया है।

कोहली और उनकी पत्नी अनुष्का शर्मा ने कोविड-19 महामारी के इस मुश्किल समय में मदद करने के लिए 7 करोड़ रुपये जुटाने के उद्देश्य से 'इन द टुगेदर' अभियान शुरू करने के लिए फंडिंग प्लेटफ़ॉर्म केटो के साथ हाथ मिलाया है। कोहली ने इस पहल के लिए 2 करोड़ रुपये का योगदान भी दिया है। भारत वर्तमान में कोविड-19 की दूसरी लहर से जूझ रहा है और लोग संकट से निपटने के लिए मदद को आगे आ रहे हैं।

कोहली ने रविवार को उन सभी का शुक्रिया अदा किया जो इस मुश्किल समय में एक-दूसरे की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं। कोहली ने कहा,मैं सभी हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स की भावना और समर्पण का आभारी हूं। मैं उन सभी लोगों को भी धन्यवाद देना चाहता हूं जो इस तरह के कठिन समय में आगे आए और एक-दूसरे की मदद की। भारत आप जैसे नायकों का आभारी है। अनुष्का ने फ्रंटलाइन वर्कर्स को राष्ट्र का 'असली हीरो' करार दिया। अनुष्का ने ट्वीट किया, हम अपने सभी हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को एक बड़ा धन्यवाद देना चाहते हैं, उनका समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है। आप राष्ट्र के लिए अपने जीवन को जोखिम में डाल रहे हैं और इसके लिए, हम आपके सदा आभारी हैं। आप असली हैं।  

बता दें कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर ने कई लोगों को संक्रमित किया है और देश में कोविड-19 सकारात्मक मामलों की संख्या खतरनाक दर से बढ़ रही है। भारत में पिछले 24 घंटों में कोरोना के 4,03,738 नए मामले आये हैं और 4000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इसके साथ ही देश मे कोरोना के कुल 2,22,96,414 मामले सामने आ चुके हैं।  



 

mandip jangda

नई दिल्ली

राष्ट्रमंडल खेलों के रजत पदक विजेता भारतीय मुक्केबाज मनदीप जांगड़ा ने पेशेवर सर्किट में सकारात्मक शुरुआत करते हुए अमेरिका के फ्लोरिडा में अपने पदार्पण मुकाबले में अर्जेन्टीना के लूसियानो रामोस को हराया। मनदीप दो महीने पहले ट्रेनिंग के लिए अमेरिका गए थे। मनदीप ने रामोस के खिलाफ शनिवार को सुपर वेल्टरवेट वर्ग का अपना पहला पेशेवर मुकाबला चार दौर में सर्वसम्मत फैसले में जीता। मनदीप ने फ्लोरिडा के प्रो बॉक्स प्रमोशंस के साथ करार किया है। एशियाई चैंपियनशिप 2013 के रजत पदक विजेता 27 साल के मनदीप को 19 मार्च को अपना पहला मुकाबला लड़ना था लेकिन यह मुकाबला रद्द कर दिया गया। अमेरिकी कोच ऐसा बीर्ड और मार्क फेरेट के साथ ट्रेनिंग करने वाले मनदीप ने कहा, ‘‘पेशेवर सर्किट में अच्छे प्रदर्शन को लेकर मैं काफी उत्सुक हूं और उम्मीद करता हूं कि अपनी टीम के साथ विश्व चैंपियनशिप जीतूंगा।’’



 

aryna sabalenka

मैड्रिड

बेलारूस की स्टार महिला टेनिस खिलाड़ी एरीना सबालेंका ने मैड्रिड ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया है। सबालेंका ने महिला एकलवर्ग के खिताबी मुकाबले में बड़ा उलटफेर करते हुए विश्व की नम्बर एक टेनिस खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की अश्लेग बार्टी को हराकर खिताब अपने नाम किया।  बार्टी ने दो सप्ताह पहले ही स्टटगार्ट में एक सेट हारने के बाद वापसी करते हुए सबालेंका को हराया था और ऐसा लग रहा था कि वह इसी लय को यहां भी जारी रखेंगी, लेकिन सबालेंका ने शनिवार रात यहां खेले गए एक कड़े फाइनल में बार्टी को 6-0, 3-6, 6-4 से हराकर अपने करियर का 10वां खिताब जीत लिया।  बार्टी इससे पहले लाल बजरी पर दो साल तक एक भी मुकाबला नहीं हारी थी। वहीं, पुरुष वर्ग में इटली के माटिओ बेरेटिनी ने कैसपर रूड को 6-4, 6-4 से हराकर पुरुष एकल के फाइनल में प्रवेश कर लिया है।



 

mumbai indians

नई दिल्ली

पांच बार की चैम्पियन मुंबई इंडियन्स ने रविवार को कहा कि कोविड-19 के कारण अनिश्चितकाल के लिए इंडियन प्रीमियर लीग के सत्र के बीच में ही स्थगित होने के बाद उनके सभी विदेशी खिलाड़ी और सहयोगी सदस्य सुरक्षित रूप से अपने-अपने गंतव्य तक पहुंच गए हैं।

बायो-बबल में कोविड-19 संक्रमण के पॉजिटिव मामले सामने आने के बाद पिछले हफ्ते इस टी20 लीग को निलंबित कर दिया गया था।

मुंबई इंडियन्स ने अपने ट्विटर हैंडल पर जारी बयान में कहा, ‘‘ मुंबई इंडियन्स के दल के सभी विदेशी सदस्य अपने गंतव्यों तक सुरक्षित पहुंच गए हैं। पलटन, यह सुनिश्चित करें कि आप सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कर रहे हैं। घर पर रहें। सुरक्षित रहें।’’

टूर्नामेंट को चार मई को रोके जाने के बाद टीम से जुड़े 14 खिलाड़ियों और सहयोगी सदस्यों ने भारत छोड़ दिया है।

फ्रेंचाइजी के मुताबिक, कीरोन पोलार्ड सुरक्षित रूप से त्रिनिदाद पहुंच गये हैं जबकि दक्षिण अफ्रीकी विकेटकीपर-बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक और मार्को जेनसन जोहानिसबर्ग पहुंच चुके हैं। फ्रेंचाइजी के ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी क्रिस लिन, नाथन कूल्टर-नाइल और मुख्य कोच महेला जयवर्धने के साथ सहयोगी सदस्य एक चार्टर्ड विमान से मालदीव गये हैं। वे वहां 14-दिनों तक पृथकवास में रहेंगे। टीम से जुड़े न्यूजीलैंड के खिलाड़ी एडम मिल्ने, जिमी नीशम और ट्रेंट बोल्ट और सहयोगी स्टाफ, फ्रेंचाइजी द्वारा व्यवस्थित चार्टर्ड विमान से ऑकलैंड पहुंच गए हैं।



 

share market

नई दिल्ली
 

देश के 10 सर्वाधिक मूल्यवान कंपनियों में से आठ के मार्केट कैप में पिछले सप्ताह संयुक्त रूप से 81,250.83 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ। इसमें सर्वाधिक लाभ में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) रही। शुक्रवार को समाप्त सप्ताह में केवल रिलायंस इंडसट्रीज लि. तथा इन्फोसिस को बाजार पूजीकरण के मामले में नुकसान हुआ। बाकी आठ कंपनियों टीसीएस, एचडीएफसी बैंक, हिदुस्तान यूनिलीवर लि., एचडीएफसी, आईसीआईसीआई बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फाइनेंस और भारतीय स्टेट बैंक लाभ में रहे। पिछले सप्ताह, तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 424.11 यानी 0.86 प्रतिशत मजबूत हुए।  टीसीएस का बाजार मूल्यांकन पिछले सप्ताह 34,623.12 करोड़ रुपये उछलकर 11,58,542.89 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं हिंदुस्तान यूनिलीवर का एमकैप 13,897.69 करोड़ रुपये बढ़कर 5,66,950.71 करोड़ रुपये रहा। एचडीएफसी का मार्केट कैप (एमकैप) 13,728.03 करोड़ रुपये बढ़कर 4,50, 310.13 करोड़ रुपये जबकि कोटक महिंद्रा बैंक का बाजार मूल्यांकन 6,213.06 करोड़ रुपये बढ़कर 3,52,756.84 करोड़ रुपये रहा।



 


नई दिल्ली

भारतीय रिजर्व बैंक ने सूचना के अधिकार के तहत बताया है कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में 10 सरकारी बैंकों की कुल 2,118 बैंकिंग शाखाएं या तो हमेशा के लिए बंद कर दी गईं या इन्हें दूसरी बैंक शाखाओं में मिला दिया गया है। नीमच के आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने रविवार को बताया कि रिजर्व बैंक ने उन्हें सूचना के अधिकार के तहत यह जानकारी दी है। इस जानकारी के मुताबिक वित्त वर्ष 2020-21 में मर्जर की प्रक्रिया से बैंक ऑफ बड़ौदा की सर्वाधिक 1,283 शाखाओं का वजूद खत्म हो गया है। इस प्रक्रिया से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 332, पंजाब नेशनल बैंक की 169, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की 124, केनरा बैंक की 107, इंडियन ओवरसीज बैंक की 53, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 43, इंडियन बैंक की पांच और बैंक ऑफ महाराष्ट्र एवं पंजाब एंड सिंध बैंक की एक-एक शाखा बंद हुई। इस ब्यौरे में स्पष्ट नहीं किया गया है कि आलोच्य अवधि के दौरान इन बैंकों की कितनी शाखाएं हमेशा के लिए बंद कर दी गईं और कितनी शाखाओं को दूसरी शाखाओं में मिला दिया गया। रिजर्व बैंक ने आरटीआई के तहत बताया कि 31 मार्च को समाप्त वित्त वर्ष 2020-21 में बैंक ऑफ इंडिया और यूको बैंक की कोई भी शाखा बंद नहीं हुई। आरटीआई के तहत दिए जवाब में संबंधित 10 सरकारी बैंकों की शाखाओं के बंद होने या इन्हें अन्य शाखाओं में मिलाए जाने का कोई कारण नहीं बताया गया है, लेकिन सरकारी बैंकों के महाविलय की योजना के एक अप्रैल 2020 से लागू होने के बाद शाखाओं की संख्या को युक्तिसंगत बनाना इसकी सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है। गौरतलब है कि सरकार ने पिछले वित्त वर्ष में 10 सरकारी बैंकों को मिलाकर इन्हें चार बड़े बैंकों में तब्दील कर दिया था। इसके बाद अब सरकारी बैंकों की तादाद घटकर 12 रह गई है। महाविलय के तहत एक अप्रैल 2020 से ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया को पंजाब नेशनल बैंक में, सिंडिकेट बैंक को केनरा बैंक में, आंध्रा बैंक व कॉरपोरेशन बैंक को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में और इलाहाबाद बैंक को इंडियन बैंक में मिला दिया गया था। 



 

mutual funds

नई दिल्ली

म्यूचुअल फंड इकाइयों ने अप्रैल महीने में शेयरों में 5,526 करोड़ रुपये निवेश किया है। यह लगातार दूसरा महीना है, जब उन्होंने बाजार में कुछ सुधार देखने के बाद शेयरों में पैसा लगाया है। इनवेस्ट 19 के संस्थापक और सीईओ कौशलेन्द्र सिंह सेंगर ने कहा कि कई वित्तीय प्रौद्योगिकी कंपनियां क्षेत्र में आ रही हैं। इससे उपयोगकर्ताओं की संख्या बढ़ी है। ऐसे में आने वाले महीनों में म्यूचुअल फंड का निवेश बढ़ेगा। बजाज कैपिटल के मुख्य शोध अधिकारी आलोक अग्रवाल ने भी कहा कि तेजी का रुख बना रहेगा क्योंकि वित्त वर्ष 2020-21 के वित्तीय परिणाम के बाद मूल्यांकन कुछ नीचे आया है और कीमतों में सुधार से निवेशकों को शेयर बाजारों में निवेश का अवसर मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा मार्च से बांड पर प्रतिफल नरम होने से भी इस रुख को गति मिल रही है। निवेशक अधिक रिटर्न की उम्मीद में शेयरों में निवेश कर रहे हैं। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के आंकड़े के मुताबिक, म्यूचुअल फंड ने अप्रैल महीने में शुद्ध रूप से 5,526 करोड़ रुपये निवेश किये। यह मार्च में किये गये 4,773 करोड़ रुपये के निवेश से कहीं अधिक है। म्यूचुअल फंड द्वारा दस महीनों में इस प्रकार का यह पहला निवेश है। सेबी के पास उपलब्ध आंकड़े के अनुसार इस निवेश से पहले म्यूचुअल फंड जून 2020 से शेयर बाजार से पैसा निकाल रहे थे। सेंगर ने कहा कि हमने पिछले महीने म्यूचुअल फंड के शेयरों में निवेश में 15.8 प्रतिशत की वृद्धि देखी। शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के देखते हुए निवेशकों ने जोखिम कम करने के लिये इक्विटी म्यूचुअल फंड का सहारा लिया। बजाज कैपिटल के मुख्य अनुसंधान अधिकारी आलोक अग्रवाल ने कहा कि म्यूचुअल फंड प्रवाह सामान्य तौर पर निवेशकों के संबंधित म्यूचुअल फंड योजनाओं में निवेश को प्रतिबिंबित करता है। 



 

j b chemicals

मुंबई

जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड, भारत में सबसे तेजी से बढ़ती फार्मास्युटिकल कंपनियों में से एक और उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) में अग्रणी कंपनी ने नेफ्रोलॉजी के क्षेत्र में प्रवेश करने की घोषणा की है।गंभीर किडनी बीमारियों पर इलाज ले रहे मरीज़ों की सेवा के लिए कंपनी ने रेनोवा यह नया, समर्पित डिवीज़न शुरू किया है। नया डिवीज़न किडनी की गंभीर  बीमारियों में व्यापक देखभाल पर ध्यान केंद्रित करेगा। किडनी की गंभीर बीमारियों में उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रबंधन से लेकर गुर्दे की आिखरी स्टेज पर पहुंच चुकी बीमारी तक व्यापक देखभाल के लिए यह डिवीज़न प्रयासशील रहेगा।  सिलाकर® (Cilacar®) और निकार्डिया® (Nicardia®) जैसे ब्रांड्स लाकर उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) क्षेत्र की अग्रसर कंपनियों में स्थान हासिल करने के बाद अब जेबीसीपीएल ने किडनी की गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीज़ों की मदद करने पर भी ध्यान केंद्रित करना शुरू किया है। किडनी की गंभीर बीमारी (क्रोनिक किडनी डिजीज - सीकेडी) दुनिया भर में होने वाली मौतों के प्रमुख कारणों में से एक है। 2015 की ग्लोबल डिसीज बर्डन रिपोर्ट के अनुसार सीकेडी को मृत्यु के सबसे सामान्य कारणों में से एक माना गया है। जेबी केमिकल्स एंड फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड के सीईओ और पूर्णकालिक निदेशक निखिल चोपड़ा ने बताया कि उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) क्षेत्र में अग्रसर कंपनियों में से एक कंपनी के रूप में काम करते हुए हमने देखा कि किडनी की गंभीर बीमारियों की समस्या देश में बढ़ती जा रही है और मरीज़ों की संख्या भारी मात्रा में बढ़ती जा रही है।

 


नई दिल्ली

मई के दूसरे हफ्ते में शेयर बाजार की चाल कैसी रहेगी, इस पर जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज,  मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज और सैमको सिक्योरिटीज के एक्सपर्ट बता रहे हैं। ये विशेषज्ञ यह भी बता रहे हैं कि इस हफ्ते कोविड-19 संक्रमण की स्थिति, कंपनियों के वित्तीय परिणाम और औद्योगिक उत्पादन समेत वृहत आर्थिक आंकड़े बाजार की चाल तय करेंगे। इसके अलावा वैश्विक प्रवृत्ति और रुपये में उतार-चढ़ाव का भी बाजार धारणा पर असर पड़ेगा। बता दें इस सप्ताह अवकाश के कारण बाजार में चार दिन ही कारोबार होगा। घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को ईद-उल-फित्र के मौके पर बंद रहेंगे। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि इस सप्ताह बाजार की प्रवृत्ति कोविड संक्रमण के मामलों की संख्या, कंपनियों के तिमाही परिणाम, मार्च महीने के औद्योगिक उत्पादन तथा अप्रैल महीने के मुद्रास्फीति के आंकड़े से निर्धारित होगी। इस सप्ताह एशियन पेंट्स, जिंदल स्टील एंड पावर लि., लुपिन, वेदांता, सिप्ला और डाॅ. रेड्डीज लैबोरेटरीज के वित्तीय परिणामों पर निवेशकों की नजर होगी। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के प्रमुख (खुदरा शोध) सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि ऐसा लगता है निवेशकों ने अपने आकलन में कोविड मामलों को ध्यान में रखा है और फिलहाल वे इसके अल्पकालीन प्रभाव से अलग देख रहे हैं। 

हालांकि महामारी को लेकर जोखिम लंबी अवधि तक रहने वाला है और इसकी रोकथाम के लिये विभिन्न राज्यों में लॉकडाउन और अन्य पाबंदियां फिलहाल हटती नहीं दिख रही इससे बाजार में तेजी पर अंकुश लग रहा है। 



 

कई राज्यों ने बढ़ाई तालाबंदी की अवधि

lockdown

नई दिल्ली

देश में कोरोना की रफ्तार थमने का नाम ही नहीं ले रही है यही वजह है कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए देश में लगातार लॉकडाउन लगाने की बात हो रही है। कई राज्य सरकारों ने पहले से ही प्रदेश में लॉकडाउन लगा रखा है, जिसकी अवधि उन्होंने बढ़ा दी है, तो कई राज्यों में आज यानी 10 मई से संपूर्ण लॉकडाउन लगाया जा रहा है। हालांकि संपूर्ण लॉकडाउन को लेकर केंद्र की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है।

आज यानी 10 मई से कर्नाटक, तमिलनाडु, राजस्थान और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी संपूर्ण लॉकडाउन लग रहा है, जिसकी अवधि दो सप्ताह यानी की है। इन राज्यों में 10-24 मई तक संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की गयी है। इन राज्यों में कोरोना संक्रमण आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने कड़े शब्दों में कहा है कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए लॉकडाउन ही एकमात्र उपाय है। 

स्टालिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर लॉकडाउन लगाने का फैसला किया है। इस दौरान इन प्रदेशों में आवश्यक सामानों और इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर सभी चीजें बंद रहेंगी। सभी दुकानें और निजी एवं सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे। बार, स्पा, जिम, ब्यूटी पार्लर, सैलून, सिनेमा हाल, क्लब, पार्क भी लॉकडाउन के दौरान बंद रहेंगे. खाने पीने का सामान बेचने वाली दुकानें कर्नाटक में सुबह दस बजे तक और अन्य राज्यों में भी निर्धारित समय के लिए ही खुलेंगी. लॉकडाउन के दौरान काफी सख्ती की जायेगी और किसी को भी बाहर निकलने की इजाजत नहीं होगी।

यूपी और दिल्ली में 17 मई तक बढ़ाया लॉकडाउन

उत्तर प्रदेश और दिल्ली ऐसे राज्य हैं जहां कोरोना की रफ्तार भयावह है और मरने वालों का आंकड़ा भी काफी बढ़ा। इसे देखते हुए यहां लॉकडाउन पहले से जारी है, जिसे बढ़ाकर अब तक 17 मई तक कर दिया गया है। दिल्ली में इस दौरान कई तरह की पाबंदिया लगायी गयी हैं। दिल्ली में सार्वजनिक स्थानों पर शादी समारोहों पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। ऐसे समारोह केवल घर या अदालत में ही आयोजित करने की अनुमति होगी और इसमें 20 से अधिक लोग एकत्रित नहीं होंगे। यह आदेश डीडीएमए ने दिया है। डीडीएमए ने कहा है कि जिला मजिस्ट्रेट, पुलिस उपायुक्त, संबंधित प्राधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि लोग आईएसबीटी, रेलवे स्टेशनों, मंडियों, दुकानों पर कोरोना संक्रमण के लिहाज से अनुकूल व्यवहार करें।

बिहार और झारखंड में भी लॉकडाउन

बिहार और झारखंड में भी कोरोना की रफ्तार रोकने के लिए लॉकडाउन लगाया गया है। झारखंड में लॉकडाउन 13 मई तक है, लेकिन इसे बढ़ाये जाने की पूरी संभावना है, क्योंकि प्रदेश में कोरोना का कहर जारी है।



 

vaccination

नई दिल्ली

भारत में अब तक 16 करोड़ 94 लाख से ज्यादा कोरोना वैक्सीन की डोज दी चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में 16,94,39,663 वैक्सीन डोज दी जा चुकी है, जिसमे पहली और दूसरी डोज शामिल हैं। वहीं पूरे देश मे 18 से 44 साल आयु वर्ग के 17,84,869 लोगों को पहली डोज दी जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में लगभग 20 लाख कोरोना टीके की डोज दी गई है। टीकाकरण अभियान के 113 वें दिन यानी 8 मई, को 20,23,532 वैक्सीन खुराक दी गई। 8,37,695 लोगों को पहली और 11,85,837 लोगों दूसरी डोज दी गई है।

महाराष्ट्र : 1.78 करोड़ लोगों को लगा टीका

मुंबई। महाराष्ट्र में जारी टीकाकरण अभियान में नौ मई तक 1.78 करोड़ लोगों को टीका लग चुका है। स्वास्थ्य विभाग की तरफ जारी आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र में 9 मई सुबह 7 बजे तक 1,78,58,864 लोगों का टीकाकरण हो चुका था। सरकार की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में 33,16,183 लोगों को वैक्सीन की दूसरी खुराक दी जा चुकी है।  महाराष्ट्र टीकाकरण में शीर्ष पर बना हुआ है। इसके बाद राजस्थान में 1,40,19,524, गुजरात में 1,37,86,185 तथा उत्तर प्रदेश में 1,35,93,961 डोज दिए जा चुके हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय टीकाकरण अभियान के तीसरे चरण में 16.94 लोगों को टीके लग चुके हैं। तीसरे चरण में अब तक देश भर के 18-44 आयु समूह के 17.8 लाभार्थियों को टीका लगाया जा चुका है। इस आयु समूह को टीका लगाने की शुरुआत एक मई से की गई थी।



 

चाय पर चर्चा के बाद भी नहीं बनी बात? 

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चंडीगढ़ 

कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने रविवार को पंजाब में अपनी ही पार्टी की सरकार के खिलाफ हमला तेज करते हुए आरोप लगाया कि विधायकों के बीच एक आम सहमति है कि राज्य को उनकी पार्टी के बजाय बादल द्वारा चलाया जा रहा है। सिद्धू द्वारा अपनी पार्टी की सरकार के खिलाफ यह नया निशाना ऐसे समय साधा गया है। 

सिद्धू ने रविवार को एक ट्वीट में आरोप लगाया, विधायकों के बीच यह आम सहमति है कि कांग्रेस सरकार के बदले में बादल सरकार शासन कर रही है ... अक्सर हमारे विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं की बात सुनने की बजाय नौकरशाही और पुलिस बादल परिवार की इच्छाओं के अनुसार काम करती है। सरकार जनता के कल्याण के लिए नहीं बल्कि माफिया राज जारी रखने के लिए कार्य करती है। 

अमृतसर विधायक की ओर से लगातार हमले ऐसे समय आए हैं जब ऐसी खबरें आयी थीं कि पिछले कुछ दिनों में दो मंत्रियों और सिद्धू सहित कुछ कांग्रेस विधायकों ने बैठकें कीं। विधायकों के समूह ने कथित तौर पर पंजाब के मुख्यमंत्री पर दबाव बनाने का फैसला किया कि वे धार्मिक ग्रंथ के बेअदबी में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करें। 



 

नई कैबिनेट के साथ आज लेंगे शपथ

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गुवाहाटी/नई दिल्ली 

असम विधानसभा चुनाव के नतीजों के एक हफ्ते बाद मुख्यमंत्री का नाम तय हो गया है। हिमंत बिस्वा सरमा को रविवार को विधायक दल की बैठक में नेता चुना गया। बैठक में केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, पार्टी महासचिव अरुण सिंह और भाजपा के असम प्रभारी बैजयंत पांडा भी शामिल हुए। इससे पहले मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। 

सरमा और सोनोवाल शनिवार को ही दिल्ली में हाईकमान से मिलकर लौटे थे। दिल्ली में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा के आवास पर हाईप्रोफाइल मीटिंग हुई थी, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के जनरल सेक्रेटरी (संगठन) बीएल संतोष की मौजूदगी में नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा हुई। इसके बाद से ही सरमा को सीएम बनाए जाने की अटकलें तेज थीं। 

सरमा ने बताया कि असम की नई कैबिनेट सोमवार दोपहर 12 बजे शपथ लेगी।

इसलिए नेतृत्व में किया गया बदलाव

बिस्वा पूरे नॉर्थ-ईस्ट में काफी प्रभावी माने जाते हैं। सोनोवाल सरकार में उन्होंने फाइनेंस, प्लानिंग एंड डेवलपमेंट, हेल्थ एंड फैमिली वेलफेयर, एजुकेशन और PWD जैसे अहम विभागों का जिम्मा संभाला था। 

केंद्रीय नेतृत्व के टॉप नेताओं से भी उनके अच्छे संबंध हैं। ऐसे में मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि भाजपा पर बिस्वा को असम की कमान सौंपने का दबाव था। 



 

mobile phone

नई दिल्ली

लॉकडाउन में घर से काम करने के कारण मोबाइल फोन, लैपटॉप जैसे आइटम की जरूरत बढ़ जाती है। लेकिन इस दौरान अगर आपका मोबाइल फोन या लैपटाप खराब हो गया है तो आपको नए मोबाइल फोन और लैपटॉप के लिए लॉकडाउन खुलने का इंतजार करना पड़ेगा। इसकी वजह यह है कि एक तरफ सरकार डिजिटल इंडिया के प्रोत्साहन में जुटी है और दूसरी तरफ मोबाइल फोन, लैपटॉप व अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स गैजेट्स को गैर-जरूरी चीज मानती है।

इन दिनों देश के कई राज्यों में लॉकडाउन की स्थिति है और उन राज्यों में रिटेल दुकानें बंद होने से मोबाइल की खरीदारी ऑफलाइन तरीके से नहीं हो सकती है। वहीं, ई-कॉमर्स कंपनियों को सिर्फ आवश्यक वस्तुओं की बिक्री की अनुमति दी गई है। इसलिए ऑनलाइन भी मोबाइल फोन या लैपटॉप नहीं खरीदा जा सकता है। कोरोना की दूसरी लहर की वजह से पिछले तीन सप्ताह से दिल्ली में लॉकडाउन चल रहा है तो महाराष्ट्र में उससे पहले से। कई अन्य राज्यों में भी लॉकडाउन शुरू हो गया है। ई-कॉमर्स कंपनियों के मुताबिक, लॉकडाउन वाले राज्यों में उन्हें मोबाइल फोन समेत कोई गैजेट्स बेचने की इजाजत नहीं है, इसलिए वे ऑर्डर नहीं ले रहे हैं। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, लॉकडाउन में मोबाइल फोन व गैजेट्स की ऑफलाइन बिक्री बंद है, इसलिए इन आइटम के ऑनलाइन बिक्री की अनुमति नहीं दी गई है ताकि ऑफलाइन कारोबारियों को व्यापार का नुकसान नहीं हो। सीआईआई के नेशनल आइसीटीई मैन्यूफैक्चरिंग कमेटी के चेयरमैन विनोद शर्मा ने बताया कि उन्होंने सरकार से मोबाइल फोन को जरूरी चीज की सूची में शामिल करने की मांग की है ताकि लॉकडाउन के दौरान भी मोबाइल फोन की खरीदारी की जा सके। वर्क फ्रॉम होम के बढ़ते चलन को देखते हुए मोबाइल व लैपटॉप अब जरूरी चीजों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मोबाइल फोन व गैजेट्स के ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरीकों से बिक्री बंद होने से कुल बिक्री में गिरावट आई है। 

वाणिज्य व उद्योग मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल किस वस्तु को जरूरी और किन्हें गैर-जरूरी चीजों की श्रेणी में शामिल करना है, यह राज्यों पर निर्भर करता है। लेकिन बाद में मोबाइल फोन को जरूरी वस्तु की श्रेणी में शामिल करने पर विचार किया जा सकता है। औद्योगिक संगठनों के अनुमान के मुताबिक, इस वर्ष भारत में स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वालों की संख्या 76 करोड़ हो जाएगी।



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