नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि' के तहत मिलने वाले वित्तीय लाभ की किस्त जारी की। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक बटन दबाकर नौ करोड़ से अधिक किसान लाभार्थियों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किया। इसके बाद किसानों से बातचीत में विपक्ष पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सरकार किसान के साथ हर कदम पर खड़ी है। किसान चाहे जिसे अपनी उपज बेचना चाहे, सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि एक मजबूत कानून किसानों के पक्ष में खड़ा रहे। कुछ राजनीतिक दल जिन्हें देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से नकार दिया है, वो आज कुछ किसानों को गुमराह कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने आगे कहा कि सरकार की तरफ से अनेक प्रयासों के बावजूद भी वे किसी न किसी राजनीतिक कारण से ये चर्चा नहीं होने दे रहे हैं। पिछले दिनों अनेक राज्यों, चाहे असम हो, राजस्थान हो, जम्मू-कश्मीर हो, इनमें पंचायतों के चुनाव हुए। इनमें प्रमुखत: ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने, किसानों ने ही भाग लिया। उन्होंने एक प्रकार से किसानों को गुमराह करने वाले सभी दलों को नकार दिया है।
बंगाल के किसानों को केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित रखा गया
पीएम मोदी ने ममता बनर्जी की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बंगाल के किसानों को केंद्र की योजनाओं के लाभ से वंचित रखा गया है। बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है जो योजनाओं का लाभ किसानों तक नहीं पहुंचने दे रहा है।
ममता बनर्जी की विचारधारा ने बंगाल को बर्बाद कर दिया है। किसानों के खिलाफ उनके रवैये ने मुझे बहुत आहत किया है। विपक्ष इस पर चुप क्यों है? पश्चिम बंगाल के 70 लाख से अधिक किसान भाई-बहनों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। बंगाल की सरकार के राजनीतिक कारणों से उनके राज्यों के किसानों को पैसे नहीं मिल रहे हैं।
हमारी सरकार ने नई अप्रोच के साथ काम करना शुरू किया
पीएम मोदी ने कहा, ‘ 2014 में सरकार बनने के बाद हमारी सरकार ने नई अप्रोच के साथ काम करना शुरू किया। हमने देश के किसान की छोटी छोटी दिक्कतों, कृषि के आधुनिकीकरण और उसे भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने पर ध्यान दिया। हमारी सरकार ने प्रयास किया कि देश के किसान को फसल की उचित कीमत मिले। हमने लंबे समय से लटकी स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, लागत का डेढ़ गुना एमएसपी किसानों को दिया। पहले कुछ ही फसलों पर एमएसपी मिलती थी, हमने उनकी भी संख्या बढ़ाई।’
केरल में आंदोलन करके वहां तो एपीएमसी चालू कराएं
पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘किसानों के नाम पर अपने झंडे लेकर जो खेल खेल रहे हैं, अब उनको सच सुनना पड़ेगा। ये लोग अखबार और मीडिया में जगह बनाकर, राजनीतिक मैदान में खुद के जिंदा रहने की जड़ी- बूटी खोज रहे हैं। मैं इन दलों से पूछता हूं कि यहां फोटो निकालने के कार्यक्रम करते हैं, जरा केरल में आंदोलन करके वहां तो एपीएमसी चालू कराएं।
‘हम गांवों में किसानों का जीवन आसान बना रहे हैं। आज बड़े-बड़े भाषण देने वाले जब सत्ता में थे, तो उन्होंने किसानों के लिए कुछ नहीं किया। हमने एक हजार से अधिक मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा है, जहां एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का व्यापार पहले ही हो चुका है। कुछ लोग किसानों की जमीन को लेकर चिंतित हैं। हम सभी उन लोगों के बारे में जानते हैं जिनका नाम मीडिया में भूमि कब्जाने के लिए आया था।’
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने कहा, ‘पंजाब सहित थोड़े से कुछ किसान भाई-बहनों के मन में नए कानूनों को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। मैं उनको आग्रह करता हूं कि वो इस आंदोलन को त्याग कर सरकार के वार्ता के निमंत्रण पर आएं।
मुझे आशा है कि किसान नए कानून के मर्म और महत्व को समझेंगे और हम समाधान की ओर अग्रसर होंगे। मैं प्रदर्शनकारी किसानों से अपील करता हूं कि वे अपना विरोध खत्म करें और सरकार से बातचीत करें।