February 2021

'ममता दीदी जब तक आप चुनाव नहीं हारतीं, बार-बार आऊंगा बंगाल'

Amit Shah

कोलकाता

पश्चिम बंगाल में कूचबिहार के बाद ठाकुर नगर की रैली में भी केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी पर जमकर बरसे। उन्‍होंने कहा कि कुछ परिस्थितियों के कारण पिछले दिनों मेरा दौरा रद्द हो गया था तब ममता दीदी बहुत खुश हो गई थीं। अरे ममता दीदी जब तक आप चुनाव नहीं हारतीं तब तक मैं बार-बार यहां आऊंगा। शाह ने कहा कि 2018 में हमने वादा किया था कि 2019 में नरेंद्र मोदी सरकार चुन कर लाइए, हम सिटिजनशिप में संशोधन करके कानून लाएंगे, जो मतुआ समाज के लोगों को भारत की नागरिकता देगा। 2020 में हम CAA लेकर आए और आज कानून अस्तित्व में आए हैं। देश के गृह मंत्री के रूप में मैं कहना चाहता हूं कि CAA से किसी भी मुस्लिम की नागरिकता नहीं जाएगी। मतुआ समुदाय से मुखातिब होते हुए अमित शाह ने कहा कि आज इस रैली में उमड़ी मतुआ समुदाय की भीड़ बताती है कि पश्चिम बंगाल में अगली सरकार भाजपा की बनने जा रही है। हमारी लड़ाई बंगाल में बदलाव के लिए है, ममता को हराने के लिए नहीं। 

पैरामिलिट्री फोर्सेज में बनाएंगे 'नारायणी सेना बटालियन'

अमित शाह ने  पैरा मिलिट्री फोर्सेज में एक नई बटालियन बनाने का वादा किया। गृह मंत्री द्वारा 'नारायणी सेना बटालियन' की घोषणा राज्य के राजवंशी समुदाय की भावनाओं के मद्देनजर की गई है। इस बटालियन के ट्रेनिंग सेंटर का नाम वीर चिला रॉय के नाम पर रखा जाएगा जो कोच राजवंश के राजा नारा नारायण के छोटे भाई थे।

हमारे कानून मानने ही होंगे

ravishankar prasad

नई दिल्ली

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर और फेसबुक को केंद्र सरकार ने सख्त चेतावनी दी है। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्री रविशंकर प्रसाद ने राज्यसभा में कहा, 'हम सोशल मीडिया का सम्मान करते हैं। इसने आम लोगों को ताकत दी है। डिजिटल इंडिया प्रोग्राम में भी सोशल मीडिया की भूमिका काफी अहम है, लेकिन अगर इससे फेक न्यूज और हिंसा को बढ़ावा मिलता है तो हम कार्रवाई करेंगे। फिर वो ट्विटर हो या कोई प्लेटफार्म।' सदन में प्रसाद ने कहा, 'हमने ट्विटर और दूसरी सोशल मीडिया कंपनियों को देश के नियम-कानून की जानकारी दे दी है। हमने उन्हें कह दिया है कि अगर भारत में बिजनेस करना है तो हमारे नियम-कानून मानने पड़ेंगे। ये कैसे हो सकता है कि कैपिटल हिल्स पर हिंसा के लिए कुछ और नियम अपनाए जाएं और लाल किले पर हुई हिंसा के लिए अलग। अलग-अलग देशों के लिए अलग-अलग पैरामीटर हमें मंजूर नहीं है।' प्रसाद ने कहा, 'देश में फ्रीडम ऑफ स्पीच है, लेकिन आर्टिकल 19-A ये भी कहता है कि कुछ विषयों पर जरूरी पाबंंदियां होंगी। सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भारत के संविधान को मानना होगा। संविधान सरकार और प्रधानमंत्री की आलोचना का हक तो देता है, लेकिन इन्हें फेक न्यूज फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।' किसान आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर सरकार ने ट्विटर के अड़ियल रवैये पर सख्ती दिखाई थी। केंद्र सरकार ने ट्विटर से सख्त लहजे में कहा था कि उसकी साइट से ऐसे हैंडलर्स को किसी भी हाल में हटाना ही होगा। 

IT मंत्रालय ने ऐसे 257 हैंडलर्स को हटाने के निर्देश दिए थे। हालांकि बुधवार को ट्विटर ने बताया था कि उसने 500 से ज्यादा अकाउंट्स स्थाई तौर पर सस्पेंड कर दिए हैं।

पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई का बड़ा बयान

ranjan gogoi

नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश और राज्यसभा सांसद रंजन गोगोई ने गुरुवार को एनआरसी को लेकर बड़ा बयान दिया है। गोगोई ने कहा कि असम में एनआरसी एक गेम है, जो 50 साल से चल रहा है। उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल हो या विपक्ष, हर किसी ने इस मुद्दे का इस्तेमाल वोट मांगने के लिए किया है। माइग्रेंट्स और मूल निवासी लोगों से वायदे कर असम में चुनाव लड़े जाते हैं।

पूर्व चीफ जस्टिस ने कहा, 'असम में राजनेताओं के लिए एनआरसी बड़ा खेल है। चाहे प्रदेश में भाजपा सरकार हो, या कांग्रेस की। एनआरसी एक खेल है, जिसे राजनीतिक पार्टियां सालों से खेल रही हैं। अवैध प्रवासियों को कहा जाता है कि हम तुम्हारी सुरक्षा करेंगे। हमें वोट दो। दूसरी राजनीतिक पार्टी स्थानीय लोगों से कहेगी कि अवैध प्रवासी हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। हम उन्हें बाहर निकाल देंगे।'

गोगोई ने आगे कहा कि एक राजनीतिक पार्टी वोट के लिए प्रवासियों की सुरक्षा करती है। दूसरी पार्टी वोट के लिए प्रवासियों को भगाने का वादा करती है। असम में यह सब 50 साल से चल रहा है। हर बार वह एक फुल प्रूफ एनआरसी का वादा करते हैं। उन्होंने कहा कि हिमंता बिस्व सरमा ने कहा कि चुनाव के बाद वह एक फुल प्रूफ एनआरसी लेकर आएंगे।

पूरे देश में एनआरसी के सवाल पर गोगोई ने कहा कि फिलहाल एक राज्य को एनआरसी की जरूरत है और वहां यह नहीं हो पा रहा है। 

modi nitish

पटना 

दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर लौटे नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में सरकार बनने के बाद कोरोना की वजह से उनकी मुलाकात प्रधानमंत्री से नहीं हुई थी, इसलिए वह दिल्ली आकर उनसे मिले हैं। बिहार के मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार को केंद्र की मोदी सरकार का सहयोग मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा।

करीब 1 घंटे तक पीएम मोदी और सीएम नीतीश के बीच हुई बातचीत

बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। करीब 1 घंटे चली इस मुलाकात के दौरान बिहार के विकास को लेकर चर्चा की गई। मुलाकात के बाद बाहर निकले नीतीश कुमार ने बताया कि बिहार के विकास को लेकर प्रधानमंत्री से चर्चा हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र की मोदी सरकार से बिहार को हमेशा सहयोग मिलता रहा है और आगे भी मिलता रहेगा। 

प्रधानमंत्री से मिलने के बाद नीतीश कुमार का बॉडी लैंग्वेज यह बताने को काफी था कि उनकी मुलाकात सार्थक रही है और जिन मुद्दों को लेकर नीतीश कुमार ने पीएम से मुलाकात की है। उन मुद्दों पर पीएम की ओर से सहमति भी मिल चुकी है।

नीतीश ने सुनाई बिहार के विकास की गाथा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में हर चीज की उत्पादकता बढ़ी है। उन्होंने कहा कि पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल को अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 15 सालों में बिहार में जो विकास हुआ है वह लोगों के सामने हैै। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार के हर क्षेत्र में विकास का काम हुआ है और अब उसे गति देने के लिए हम लोग काम कर रहे हैं।

astrazeneca vaccine

नई दिल्‍ली

कोविड-19 से एक वर्ष से अधिक समय से जूझ रही दुनिया के लिए एक अच्‍छी खबर सामने आई है। ये खबर इसकी वैक्‍सीन से जुड़ी है। दरअसल, विश्व स्वास्थ्य संगठन के एक्‍सपर्ट पैनल ने कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन की रोकथाम के लिए ऑक्‍सफोर्ड-एस्‍ट्राजेनेका की वैक्‍सीन को सही मानते हुए इस पर मुहर लगा दी है। इस एक्‍सपर्ट पैनल का कहना है कि इस वैक्‍सीन को उस मरीज को देना सही कदम है जो कोरोना वायरस के नए स्‍ट्रेन से संक्रमित है। भारत की ही बात करें तो इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के अध्‍यक्ष डॉक्‍टर जेए जयलाल का कहना है कि सरकार ने यहां पर एस्‍ट्राजेनेका/ऑक्‍सफोर्ड दोनों की ही वैक्‍सीन को मंजूरी दे रखी है। जहां तक इन वैक्‍सीन को लोगों को लगाने की बात है तो जहां जिसकी उपलब्‍धता है उसके हिसाब से भारतीय वैक्‍सीन और इन वैक्‍सीन को लगाया जा रहा है।

उनके मुताबिक विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की तरफ से सामने आने वाली ये खबर निश्चित तौर पर उन देशों के लिए एक वरदान साबित हो सकती है जहां पर वायरस का नया स्‍ट्रेन समस्‍या खड़ा कर रहा है। संगठन की तरफ से इस वैक्‍सीन की दो खुराक को 12 सप्‍ताह के अंतराल पर देने की सिफारिश की है। इसी तरह की सिफारिश ब्रिटेन के विशेषज्ञों ने भी की थी। हालांकि उनकी इस सिफारिश को जर्मनी के विशेषज्ञों ने गलत बताया था। 

Ranjan Gogoi

नई दिल्ली

रामजन्मभूमि, राफेल और सबरीमाला जैसे ऐतिहासिक फैसले सुनाने वाले पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने खुद के राज्यसभा के लिए मनोनीत होने पर उठे सवालों को निराधार बताया है। एक मीडिया हाउस के कार्यक्रम में जब उनसे पूछा गया कि कहा जाता है कि राममंदिर के पक्ष में फैसला सुनाए जाने की वजह से उन्हें राज्यसभा में भेजा गया तब पूर्व सीजेआई ने कहा कि ये बेकार की बातें हैं। अगर उन्हें मोलभाव ही करना होता तो वह कुछ बड़ा करते। गोगोई ने कहा कि बतौर राज्यसभा सासंद उन्होंने अभी तक वेतन-भत्ते का एक भी पैसा नहीं लिया है।

राम मंदिर को उपलब्धि मीडिया ने बनाया: पूर्व सीजेआई

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में पूर्व सीजेआई से जब पूछा गया कि राम मंदिर निर्माण को देश की ज्यादातर जनता ने मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा, तब उन्होंने कहा कि यह विकल्प तो मीडिया ने दिया। उन्होंने कहा, 'लोगों ने रामजन्मभूमि फैसले को मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि इसलिए बताया कि मीडिया ने उन्हें विकल्प (सर्वे) दिया। आपने पूछा कि मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है और विकल्पों में एक्स, वाई, जेड के साथ राममंदिर निर्माण भी दे दिया। लोगों ने उसे चुना। यह मीडिया ने दिया।'

महुआ मोइत्रा के आरोपों पर बोले- उन्हें फैक्ट्स का भी पता नहीं

इंडिया टुडे कॉन्क्लेव में 'रोडमैप फॉर इंडियन जुडिशरी' विषय पर अपनी बात रखते हुए जस्टिस गोगोई ने उस आरोप को भी खारिज किया कि उन्होंने खुद पर लगे यौन उत्पीड़न के मामले में खुद को ही क्लीन चिट दी थी। इस मुद्दे पर राज्यसभा में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के सवाल उठाने की तरफ इशारा करते हुए कहा, 'उन्हें फैक्ट्स का भी पता नहीं है। अगर आप आरोप लगा रहे हैं तो हिम्मत दिखाइए उस शख्स का नाम लेने का। आरोप निराधार हैं।'

जस्टिस गोगोई ने आगे कहा, 'मैंने तो तय नहीं किया। पहले ही दिन मैंने इस केस को जस्टिस बोबडे जो मौजूदा सीजेआई हैं और तब सीनियर मोस्ट जज थे, उन्हें सौंप दिया था। उन्होंने कमिटी का गठन किया। इसमें मैंने खुद को कैसे क्लीन चिट दी? फैक्ट करेक्ट कीजिए। आप भावी पीढ़ी के जजों को बता रहे हैं कि आपका मुंह बंद रखा जाएगा। आप एक शब्द बोलेंगे तो हम 100 शब्द बोलेंगे।'


one signal

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही अमेरिकी कंपनी वन सिग्नल इंक का आईपी एड्रेस अनब्लॉक कर दिया था। सिग्नल इंक एक ऐप है जो मोबाइल और वेब के जरिए मैसेज सर्विस मुहैया कराता है।

जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष सरकार और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना तकनीक मंत्रालय की ओर से पेश वकील ने यह जानकारी दी। वकील ने कहा कि संचार विभाग ने सिग्नल इंक का आईपी एड्रेस पिछले साल ही अक्टूबर में खुद से अनब्लॉक कर दिया है। मंत्रालय ने सिग्नल इंक की ओर से दाखिल याचिका के जवाब में हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है।

अमेरिकी कंपनी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि भारत सरकार ने बगैर उसका पक्ष सुने और कारण बताए ही उसके आईपी एड्रेस को ब्लॉक कर दिया है। सरकार से मिली जानकारी के बाद कंपनी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें इस बात की जांच करनी होगी कि संचार विभाग ने इस तरह का आदेश जारी किया है या नहीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 1 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। मंत्रालय की ओर से पेश वकील ने कहा कि संचार विभाग ने 9 अक्टूबर, 2020 को ही सिग्नल इंक का आईपी एड्रेस अनब्लॉक करने का आदेश दिया था। मंत्रालय ने कहा कि आईपी एड्रेस अनब्लॉक करने की जानकारी इंटरनेट मुहैया कराने वाली सभी कंपनियों को भेज दी गई। अमेरिकी कंपनी ने आईपी एड्रेस ब्लॉक करने के केंद्र सरकार के निर्देश को भारत में कारोबार करने के अपने अधिकार के खिलाफ बताया। 

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने राज्यसभा में गुरुवार को जानकारी दी है कि पिछले एक साल से केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा 588 नियमित मामलों (आरसी) की जांच लंबित है। यह आंकड़ा 31 दिसंबर, 2020 तक का है। 31 दिसंबर, 2019 तक यह आंकड़ा 711 था। कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। 

2020 में राजनीतिक व्यक्तियों के खिलाफ छह ऐसे मामले थे। इसमें कहा गया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो लोक सेवकों, फर्मों, बैंकों, निजी व्यक्तियों के खिलाफ जटिल और स्वैच्छिक मामलों की जांच करता है, जो कई बार बहुत पुराने लेनदेन या घटनाओं से संबंधित होते हैं।

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि इनमें से कई मामलों में कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में फैली जांच शामिल होती हैं। इसके अलावा, विशेषज्ञ की राय के लिए काफी समय तक मामले लंबित रहते हैं। निष्पादन रिपोर्ट, म्यूचुअल लीगल असिस्टेंस ट्रीटी आदि के कारण कई मामले ज्यादा समय तक लंबित रहे हैं। कोरोना महामारी के कारण पैदा हुई स्थिति ने भी मामलों की जांच की गति को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है। सीबीआई द्वारा इन मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के लिए हर संभव प्रयास किया जाता है। 

नई दिल्ली

नई दिल्ली भारत की अग्रणी वैश्विक मोबिलिटी कंपनी ओला ने गुरुवार को घोषणा की कि इसने भारत में अपने मेगा-फैक्ट्री के लिए रोबोटिक्स एवं ऑटोमेशन समाधानों हेतु एबीबी का अपने एक प्रमुख पार्टनर के रूप में चुनाव किया है। ओला की इस मेगा फैक्ट्री से बहु-प्रतीक्षित ओला इलेक्ट्रिक स्कूटर तैयार होंगे। ओला की स्कूटर मेगा फैक्ट्री, जिसे दुनिया की सबसे बड़ी स्कूटर फैक्ट्री होने का दावा है, को आने वाले महीनों में तैयार होकर चालू हो जाने का अनुमान है। ओला अपनी पेंटिंग और वेल्डिंग लाईंस सहित अपने कारखाने की प्रमुख विनिर्माण प्रक्रियाओं में एबीबी के स्वचालन समाधान का उपयोग करेगा, जबकि बैटरी और मोटर असेंबली लाइनों के लिए एबीबी रोबोट बड़े पैमाने पर तैनात किए जाएंगे। इनमें एबीबी का “आईआरबी 5500” पेंट और आईआरबी 2600 इंटीग्रेटेड ड्रेसिंग रोबोट अपनी पेंटिंग और वेल्डिंग लाइनों में, और बैटरी और मोटर असेंबली क्षेत्रों में असेंबली और मटेरियल हैंडलिंग के लिए आईआरबी 6700 रोबोट शामिल हैं।

नई दिल्ली

भारत के प्रमुख डिजिटल भुगतान प्लेटफ़ॉर्म PhonePe ने गुरुवार को घोषणा की कि उसने भारत के तीसरे सबसे बड़े बैंक, यूपीआई मल्टी-बैंक मॉडल पर एक्सिस बैंक के साथ भागीदारी की है, और अपने उपयोगकर्ताओं को एक्सिस बैंक के axl हैंडल के साथ कई यूपीआई आईडी बनाने और उपयोग करने का विकल्प देता है। इसके अलावा, PhonePe, यस बैंक के साथ अपनी साझेदारी के अलावा एक्सिस बैंक के साथ व्यापारियों का अधिग्रहण भी शुरू करेगा। यह उपयोगकर्ताओं और मर्चेंट पार्टनर्स को एक सहज लेनदेन प्रवाह प्रदान करने के कंपनी के दर्शन के साथ जुड़े हैं। कई बैंकिंग साझेदारों के साथ सहयोग करने से फोनपे की पेशकश की समग्र सेवा विश्वसनीयता और वृद्धि को और मजबूती मिलेगी।

घोषणा पर टिप्पणी करते हुए,  PhonePe के वाइस प्रेसिडेंट, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड पेमेंट्स, हेमंत गाला ने कहा, 'PhonePe में, हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने यूजर्स को क्लास पेमेंट एक्सपीरियंस में सर्वश्रेष्ठ प्रदान करना है। हम अपने उपयोगकर्ताओं को PhonePe पर @axl हैंडल का उपयोग करके बनाने और लेन-देन करने का विकल्प प्रदान करने के लिए एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी करके उत्साहित हैं। हमारा मंच अब उपयोगकर्ताओं को मल्टी बैंक मॉडल पर अपने UPI लेनदेन के लिए कई हैंडल के बीच चयन करने में सक्षम बनाता है। एक्सिस बैंक के साथ यह साझेदारी हमारे ग्राहकों और व्यापारी भागीदारों दोनों के लिए अधिक व्यापार निरंतरता सुनिश्चित करेगी जिससे उनके लेनदेन का अनुभव सहज हो जाएगा। ” ”

साझेदारी पर बोलते हुए, संजीव मोघे, ईवीपी और हेड - कार्ड्स एंड पेमेंट्स, एक्सिस बैंक ने कहा, “यह एक्सिस बैंक के रणनीतिक गठजोड़ और डिजिटल समाधानों पर निर्माण करने के लिए हमारा निरंतर प्रयास है, जो हमें हमारे ग्राहकों की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में मदद करता है। फोनपे के साथ यह सहयोग भारतीय भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र के डिजिटलीकरण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

नई ​दिल्ली

एचपी इंडिया और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) ने देशभर में होम लर्निंग तथा बाल्यावस्था में कौशल विकास में मदद के लिए वैज्ञानिक तरीके से तैयार वर्कशीट और कॉन्टेंट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गठबंधन की घोषणा की है। इसके अंतर्गत एनएसडीसी अपने डिजिटल कुशलता प्लेटफॉर्म ई-स्किल इंडिया पर एचपी के प्रिंट लर्न सेंटर के कॉन्टेंट को उपलब्ध कराएगी ताकि इसे लाखों संभावित उपयोगकर्ताओं को मुफ्त उपलब्ध कराया जा सके। प्रिंट लर्न सेंटर (एचपी-पीएलसी) एचपी की पहल है, जो शिक्षाविदों और कौशल विकास विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रिंट करने योग्य लर्निंग मॉड्यूल उपलब्ध कराता है। एचपी का प्रिंट लर्न सेंटर कॉन्टेंट अंग्रेज़ी और सात भारतीय भाषाओं (कन्नड़, तमिल, तेलुगू, बांग्ला, हिंदी, गुजराती और मराठी) में उपलब्ध कराया जाएगा। एचपी-पीएलसी कॉन्टेंट को विभिन्न कौशलों को सीखने में मदद के लिए तैयार किया गया है और यह स्कूलों के नियमित पाठ्यक्रम के पूरक के तौर पर काम करेगा। इससे छात्रों में समस्याओं का समाधान करने, विश्लेषण की क्षमता, गिनती करने और नेतृत्व करने की क्षमता जैसी आधुनिक कुशलताएं विकसित करने में मदद मिलेगी। इस सहयोग के माध्यम से एचपी और एनएसडीसी का उद्देश्य शुरुआती समय से ही बच्चों में व्यापक कौशल विकास सुनिश्चित करना है।इस गठबंधन की घोषणा करते हुए एनएसडीसी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक मनीष कुमार ने कहा कि कुशलताएं सिखाने के लिए टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर अपनाने से सुविधा होती है और छात्रों के अनुभव को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। एचपी-पीएलसी कॉन्टेंट और ई-स्किल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसकी डिलिवरी को इस तरह से ढाला गया गया है कि यह बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सके और उन्हें सीखने का संवादपरक एवं आसान माहौल उपलब्ध कराए।

नई ​दिल्ली

एचपी इंडिया और नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एनएसडीसी) ने देशभर में होम लर्निंग तथा बाल्यावस्था में कौशल विकास में मदद के लिए वैज्ञानिक तरीके से तैयार वर्कशीट और कॉन्टेंट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गठबंधन की घोषणा की है। इसके अंतर्गत एनएसडीसी अपने डिजिटल कुशलता प्लेटफॉर्म ई-स्किल इंडिया पर एचपी के प्रिंट लर्न सेंटर के कॉन्टेंट को उपलब्ध कराएगी ताकि इसे लाखों संभावित उपयोगकर्ताओं को मुफ्त उपलब्ध कराया जा सके। प्रिंट लर्न सेंटर (एचपी-पीएलसी) एचपी की पहल है, जो शिक्षाविदों और कौशल विकास विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए प्रिंट करने योग्य लर्निंग मॉड्यूल उपलब्ध कराता है। एचपी का प्रिंट लर्न सेंटर कॉन्टेंट अंग्रेज़ी और सात भारतीय भाषाओं (कन्नड़, तमिल, तेलुगू, बांग्ला, हिंदी, गुजराती और मराठी) में उपलब्ध कराया जाएगा। एचपी-पीएलसी कॉन्टेंट को विभिन्न कौशलों को सीखने में मदद के लिए तैयार किया गया है और यह स्कूलों के नियमित पाठ्यक्रम के पूरक के तौर पर काम करेगा। इससे छात्रों में समस्याओं का समाधान करने, विश्लेषण की क्षमता, गिनती करने और नेतृत्व करने की क्षमता जैसी आधुनिक कुशलताएं विकसित करने में मदद मिलेगी। इस सहयोग के माध्यम से एचपी और एनएसडीसी का उद्देश्य शुरुआती समय से ही बच्चों में व्यापक कौशल विकास सुनिश्चित करना है।इस गठबंधन की घोषणा करते हुए एनएसडीसी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक मनीष कुमार ने कहा कि कुशलताएं सिखाने के लिए टेक्नोलॉजी को बड़े पैमाने पर अपनाने से सुविधा होती है और छात्रों के अनुभव को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है। एचपी-पीएलसी कॉन्टेंट और ई-स्किल प्लेटफॉर्म के माध्यम से इसकी डिलिवरी को इस तरह से ढाला गया गया है कि यह बच्चों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर सके और उन्हें सीखने का संवादपरक एवं आसान माहौल उपलब्ध कराए।


नई दिल्ली

सकारात्मक वैश्विक संकेतों और सूचकांक में बड़ी हिस्सेदारी रखने रिलायंस इंडस्ट्रीज में तेजी के चलते गुरुवार को शेयर बाजार रिकॉर्ड हाई पर बंद हुआ। बीएसई का सेंसेक्स 222.13 अंकों की तेजी के साथ 51,531.52 और निफ्टी 66.80 अंकों की बढ़त के साथ  15,173.30 के स्तर पर बंद हुआ। आज आईटी और मेटल शेयरों में तेजी नजर आई।  बीएसई सेंसेक्स में गुरुवार को शुरुआती कारोबार के दौरान 100 अंक से अधिक की तेजी हुई। गिरावट के साथ शुरुआत के बाद 30 शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स नुकसान की भरपाई करते हुए 133.94 अंक या 0.26 प्रतिशत की तेजी के साथ 51,175.45 पर आ गया। एनएसई निफ्टी 41.55 अंक या 0.28 प्रतिशत बढ़कर 15,148.05 पर पहुंच गया। गुरुवार को सेंसेक्स में रिलायंस इंडस्ट्रीज में सबसे अधिक 4 फीसदी की बढ़त देखी गई। वहीं सनफार्मा में 2.62 फीसदी की तेजी आई। भारती एयरटेल, बजाज फिनसर्व, बजाज फाइनेंस, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एनटीपीसी और मारुति में तेजी रही। दूसरी ओर टाइटन, एचडीएफसी बैंक, इंफोसिस, ओएनजीसी, आईटीसी और आईसीआईसीआई बैंक लाल निशान पर बंद हुए। बुधवार को  ई सेंसेक्स कुल 666.64 अंक के दायरे की घट-बढ़ के बाद अंत में 19.69 अंक यानी 0.04 प्रतिशत फिसल कर 51,309.39 अंक पर बंद हुआ। निफ्टी भी 2.80 अंक यानी 0.02 प्रतिशत नीचे खिसक कर 15,106.50 अंक रहा। कारोबारियों के मुताबिक निवेशकों ने सूचकांक के ऊपर स्तर पर मुनाफा वसूली करना बेहतर समझा, जिसके चलते बाजार में दबाव देखने को मिला। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि तिमाही आय में बढ़ोतरी के चलते अमेरिकी बाजार सकारात्मक बने रहे।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद कई बॉलीवुड प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चला है। वहीं कई नए प्रोजेक्ट की घोषणा भी की जा रही है। अब खबर आ रही है कि अभिनेता अक्षय खन्ना अक्षरधाम मंदिर हमले पर आधारित एक फिल्म में NSG कमांडो की भूमिका में नजर आ सकते हैं। अक्षय खन्ना इससे पहले भी कई चुनौतीपूर्ण किरदारों को पर्दे पर निभा चुके हैं। इससे पहले वह ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में भूमिका को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। यह एक फीचर फिल्म होगी, जिसका निर्देशन केन घोष करेंगे। इस फिल्म में अक्षय अपना डिजिटल डेब्यू करने जा रहे हैं। इसका टाइटल ‘स्टेट ऑफ सीज : अक्षरधाम’ होगा और इसका प्रसारण डिजिटल प्लेटफॉर्म जी5 पर किया जा सकता है। जी5 पर ही पिछले साल 26/11 मुंबई हमलों पर आधारित वेब सीरीज ‘स्टेज ऑफ सीज 26/11’ रिलीज हुई थी। अब यही फ्रैंचाइजी अक्षरधाम मंदिर हमले के दौरान NSG कमांडो द्वारा चलाए गए ऑपरेशन पर फिल्म बना रहे हैं। इस फ्रैंचाइजी की पहली सीरीज में अर्जुन बिजलानी, अर्जन बाजवा और विवेक दहिया मुख्य भूमिकाओं नजर आए थे। इस सीरीज को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। उम्मीद की जा रही है कि इसकी आगामी फिल्म को भी लोग पसंद करेंगे। अक्षय खन्ना फिल्म में एक NSG कमांडों की भूमिका में नजर आएंगे, जो पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक सूत्र ने कहा, इस फिल्म के एक्शन को शूट करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह फिल्म उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई जा रही है, जो अक्षरधाम आतंकी हमले में शहीद हुए थे।

लॉकडाउन खत्म होने के बाद कई बॉलीवुड प्रोजेक्ट पर तेजी से काम चला है। वहीं कई नए प्रोजेक्ट की घोषणा भी की जा रही है। अब खबर आ रही है कि अभिनेता अक्षय खन्ना अक्षरधाम मंदिर हमले पर आधारित एक फिल्म में NSG कमांडो की भूमिका में नजर आ सकते हैं। अक्षय खन्ना इससे पहले भी कई चुनौतीपूर्ण किरदारों को पर्दे पर निभा चुके हैं। इससे पहले वह ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ में भूमिका को लेकर सुर्खियां बटोर चुके हैं। यह एक फीचर फिल्म होगी, जिसका निर्देशन केन घोष करेंगे। इस फिल्म में अक्षय अपना डिजिटल डेब्यू करने जा रहे हैं। इसका टाइटल ‘स्टेट ऑफ सीज : अक्षरधाम’ होगा और इसका प्रसारण डिजिटल प्लेटफॉर्म जी5 पर किया जा सकता है। जी5 पर ही पिछले साल 26/11 मुंबई हमलों पर आधारित वेब सीरीज ‘स्टेज ऑफ सीज 26/11’ रिलीज हुई थी। अब यही फ्रैंचाइजी अक्षरधाम मंदिर हमले के दौरान NSG कमांडो द्वारा चलाए गए ऑपरेशन पर फिल्म बना रहे हैं। इस फ्रैंचाइजी की पहली सीरीज में अर्जुन बिजलानी, अर्जन बाजवा और विवेक दहिया मुख्य भूमिकाओं नजर आए थे। इस सीरीज को दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। उम्मीद की जा रही है कि इसकी आगामी फिल्म को भी लोग पसंद करेंगे। अक्षय खन्ना फिल्म में एक NSG कमांडों की भूमिका में नजर आएंगे, जो पूरे ऑपरेशन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एक सूत्र ने कहा, इस फिल्म के एक्शन को शूट करने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। यह फिल्म उन लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए बनाई जा रही है, जो अक्षरधाम आतंकी हमले में शहीद हुए थे।

शांतनु बागची का कहना है कि पूरी टीम सिद्धार्थ के साथ शूटिंग करने और आगे की रोमांचक यात्रा शुरू करने का बेसब्री से इंतजार कर रही थी। आखिरकार वह दिन आ ही गया। सिद्धार्थ मल्होत्रा इस फिल्म में रॉ एजेंट की भूमिका में नज़र आएंगे, जो पाकिस्तानी धरती पर भारत के गुप्त अभियान का नेतृत्व करते हैं। मिशन मजनू 1970 के दशक में स्थापित वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और पाकिस्तान में भारत के सबसे साहसी मिशन की कहानी है। रॉनी स्क्रूवाला और अमर बुटाला और गरिमा मेहता (गिल्टी बाय एसोसिएशन मीडिया) द्वारा निर्मित, परवेज़ शेख, असीम अरोरा, और सुमित बठेजा द्वारा लिखित, शांतनु बागची द्वारा निर्देशित और सिद्धार्थ मल्होत्रा, रश्मिका मंदाना, शारिब हाशमी और कुमुद मिश्रा द्वारा अभिनीत फिल्म मिशन मजनू की शूटिंग हाल ही में शुरू की गई।

सिद्धार्थ मल्होत्रा के वर्कफ्रंट की बात करें तो वह जल्द फिल्म शेरशाह में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके अपोजिट कियारा अडवाणी को कास्ट किया गया है। वहीं जबसे फिल्म की शूटिंग शुरु हुई है, दोनों के अफेयर के चर्चे जोरों-शोरो पर हैं। हाल ही में दोनों छुट्टियां मनाने माल्दीव्स गए थे।

बॉलीवुड में ‘डांसिंग क्वीन’ के नाम से फेमस नोरा फतेही आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। बॉलीवुड में बेहद कम समय मे नोरा ने अच्छी खासी पॉपुलैरिटी गेन की है। हालांकि, आज नोरा जहां हैं, वहां तक पहुंचने के लिए उन्हें भारी संघर्षो का सामना करना पड़ा था। नोरा के ऐसे ही एक स्ट्रगल का किस्सा आज हम आपसे शेयर करने वाले हैं। यह पूरा वाकया फिल्म ‘मरजांवा’ से जुड़ा हुआ है। इस फिल्म में नोरा के ऊपर एक सॉन्ग ‘प्यार दो प्यार लो’ फिल्माया जा रहा था। खबरों की मानें तो इस सॉन्ग से पहले नोरा को जबरदस्त मसल्स पेन हुआ था। नौबत यहां तक आ गई थी कि नोरा से ठीक से चलते भी नहीं बन रहा था लेकिन फिर भी उन्होंने पैर में बैंडेज बांधकर डांस की रिहर्सल की थी। बताते हैं कि इस सॉन्ग के शूट के समय नोरा को हील्स पहनाए गए थे और इतने ऊंचे हील्स पहनकर डांस करने से नोरा के पैरों से खून तक बहने लगा था। इस दौरान दर्द के मारे नोरा छटपटा रहीं थीं, लेकिन उन्होंने फिर भी यह शूटिंग पूरी की और नतीजा सबके सामने है। नोरा पर फिल्माए गए इस सॉन्ग को अब तक 23 करोड़ से अधिक बार देखा का चुका है।

एक्टर अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म ‘रामसेतु’ को लेकर चर्चा में हैं और अब खबर आ रही है कि इस फिल्म में उनके अपोजिट जैकलिन फर्नांडीस दिखाई देंगी। हालांकि अब तक इस पर कोई भी ऑफिसियल अनाउंसमेंट नहीं हुई है। लेकिन फिल्म से जुड़े और करीबी सूत्र बताते हैं कि जैकलिन फिल्म ‘रामसेतु’ में अक्षय के अपोजिट कास्ट कर ली गईं हैं। ये फिल्म की कहानी एकता और भाईचारे पर आधारित होगी। इसकी शूटिंग आयोध्या में की जाएगी। इसके लिए अक्षय कुमार ने पहले ही सीएम योगी आदित्यनाथ से परमिशन के लिए मुलाकात कर ली है। जैकलिन अगले हफ्ते से जैसलमेर में फिल्म ‘बच्चन पांडेय’ की शूटिंग शुरू कर देंगी। वे वहां अक्षय और अन्य कलाकारों के साथ फिल्म के कुछ इम्पोरटेंट सींस की शूटिंग करेंगी। डेवलपमेंट से जुड़े सोर्स ने बताया कि फिल्म की शूटिंग लगभग दो महीने में हो जाएगी और फिर मुंबई में इसका रैप अप होगा।

दिसपुर

भारतीय स्टार धावक हिमा दास को डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस नियुक्त किया गया है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल की कैबिनेट ने यह फैसला किया। हिमा को 2018 में अर्जुन अवॉर्ड मिल चुका है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और इंडस्ट्री मिनिस्टर चंद्र मोहन पाटोवरी ने कहा कि सरकार ने स्पोर्ट्स कोटे से क्लास-1 और क्लास-2 के लिए कई अधिकारियों को नियुक्त किया है। हिमा ने 2018 में फिनलैंड में हुई अंडर-20 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की 400 मीटर रेस में गोल्ड जीता था। वे ट्रैक इवेंट में ऐसा करने वाली देश की पहली एथलीट बनीं थीं। उन्होंने 51.46 सेकेंड में यह रेस पूरी की थी। 20 साल की एथलीट हिमा दास का पिछले साल खेल रत्न के लिए नॉमिनेट किया था। हालांकि, उन्हें यह अवॉर्ड नहीं मिल सका था। हिमा ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स के 4x400 मीटर मिक्स्ड रिले में सिल्वर जीता था लेकिन गोल्ड जीतने वाली टीम पर डोपिंग की वजह से बैन लगने पर गोल्ड भारतीय टीम को मिला। वहीं, महिलाओं की 4x400 रिले रेस में भी उन्होंने स्वर्ण जीता।2019 में भी उन्होंने कामयाबी का यह सिलसिला बरकरार रखा। एक महीने के भीतर ही हिमा ने अलग-अलग इंटरनेशनल इवेंट्स में 5 गोल्ड जीते थे।

नई दिल्ली

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही चार टेस्ट मैचों की सीरीज के पहले मैच में इंग्लैंड की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम इंडिया को 227 रनों से हराया। कप्तान जो रूट ने पहली पारी में बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए अपने 100वें टेस्ट मैच में दोहरा शतक जड़ा। इंग्लैंड खेल के तीनों ही विभाग में भारत की टीम पर हावी नजर आई। दूसरी इनिंग में 420 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम इंडिया महज 192 रन ही बनाकर ऑलआउट हो गई। जो रूट को उनकी दमदार पारी के लिए मैन ऑफ मैच चुना गया और कई पूर्व क्रिकेटरों की उनकी जमकर तारीफ की। इसी बीच, भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने रूट को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि वह इंग्लैंड के टेस्ट कप्तान को विश्व का बेस्ट बल्लेबाज नहीं मानते हैं। स्टार स्पोर्ट्स के शो पर बात करते हुए सुनील गावस्कर ने कहा, 'वह काफी अच्छे हैं। लेकिन, मुझे नहीं लगता कि वह विश्व में बेस्ट बल्लेबाज हैं। इसके लिए चार प्रतियोगी हैं और वह इन चार की लिस्ट में शामिल हैं। लेकिन, मुझे लगता है कि उनका स्तर बाकी तीन के मुकाबले थोड़ा कम है।' गावस्कर ने  चेन्नई में जो रूट द्वारा खेली गई पारी की तारीफ करते हुए कहा, 'जो रूट के दोहरे शतक में सबसे अच्छी बात यह थी कि वह शुरुआत से ही काफी कॉन्फिडेंट थे और वह आगे खेलने या पीछे खेलने को लेकर भी बहुत पॉजिटिव थे। वह इस बात को लेकर स्पष्ट थे कि जब वह आगे की तरफ हैं तो टर्न को स्मूथरिंग कर रहे थे और जब वह पीछे थे तो वह तय कर रहे थे उनके पास गेंद को कट या पुल करने के लिए रूम हो।' 

जो रूट ने पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में 218 और दूसरी में 40 रनों की इनिंग खेली। रूट की पारी की बदौलत इंग्लैंड ने पहली इनिंग में 578 रन बनाए। रूट विश्व के ऐसे पहले बललेबाज बने, जिन्होंने अपने 100वें टेस्ट मैच में दोहरा शतक जमाया। इसके साथ ही इंग्लैंड के कप्तान के तौर पर जो रूट ने सबसे ज्यादा टेस्ट जीत के माइकल वॉन के रिकॉर्ड की भी बराबरी कर ली है। रूट अगर चेन्नई में होने वाले दूसरे टेस्ट मैच को जीतने में कामयाब हो जाते हैं तो वह इंग्लैंड के बेस्ट टेस्ट कैप्टन बन जाएंगे। रूट एलिस्टर कुक को पहले ही पीछे छोड़ चुके हैं। 

नई दिल्ली

दूसरे टेस्ट के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन में बदलाव संभवस्पिनर शाहबाज नदीम का बाहर होना लगभग तय है। नदीम के विकल्प पर फैसला शुक्रवार तक किया जाएगा। चेन्नई में होने वाले दूसरे टेस्ट में टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में कम से कम एक बदलाव होगा। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद झारखंड के बाएं बाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम का बाहर होना लगभग तय है।

लेकिन उम्मीद की जा रही है कि मैच फिट हो चुके ऑलराउंडर अक्षर पटेल उनकी जगह लेंगे। मंगलवार को समाप्त हुए पहले टेस्ट में भारत को करारी हार का सामना करना पड़ा था। भारतीय क्रिकेट बोर्ड के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया कि अक्षर के घुटने में मामूली चोट थी और वह पहले ही नेट पर बल्लेबाजी शुरू कर चुके हैं। अगले कुछ दिनों में उनके गेंदबाजी भी शुरू करने की उम्मीद है।’ सूत्र ने कहा, ‘पहले टेस्ट में खेलने के लिए वह हमेशा पहली पसंद था, लेकिन यह कप्तान विराट कोहली, मुख्य कोच रवि शास्त्री और गेंदबाजी कोच भरत अरुण पर निर्भर करेगा।’ 

कोहली ने मैच के बाद नदीम के प्रदर्शन को लेकर अपनी निराशा नहीं छिपाई और मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान कहा कि जसप्रीत बुमराह, ईशांत शर्मा और रविचंद्रन अश्विन ने जो दबाव बनाया उसे नदीम और वॉशिंगटन सुंदर बरकरार नहीं रख पाए। 

 नदीम ने मैच में चार विकेट चटकाए, लेकिन दोनों पारियों में 59 ओवरों में 233 रन खर्च किए। इतना ही नहीं स्पिनर होने के बावजूद उन्होंने मैच में नौ नो बॉल फेंकी। नदीम ने स्वयं स्वीकार किया कि गेंदबाजी करते समय क्रीज पर कूदते हुए उनकी टाइमिंग में कुछ समस्या थी और उन्हें नेट पर इसमें सुधार करने की जरूरत है।

वॉशिंगटन सुंदर ने पहली पारी में 26 ओवरों में 98 रन दिए, जबकि दूसरी पारी में उन्हें सिर्फ एक ओवर फेंकने को मिला। उन्होंने हालांकि पहली पारी में बल्ले से शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उनको अंतिम एकादश में एक बार फिर मौका दिए जाने की संभावना है। 

भारतीय प्रशंसकों के लिए अच्छी खबर यह है कि भारत की दूसरी पारी के दौरान जोफ्रा आर्चर की गेंद लगने के बावजूद अश्विन ठीक हैं। पहले टेस्ट में भारत के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले गेंदबाज अश्विन को एहतियाती स्कैन के लिए ले जाने की जरूरत नहीं पड़ी, जो कोहली के लिए राहत भरी खबर है जिन्हें शनिवार से शुरू हो रहे अगले टेस्ट में अनुकूल पिच की उम्मीद है।

 चेन्नई में पहले टेस्ट के दौरान सपाट पिच के बाद तमिलनाडु क्रिकेट संघ के नए क्यूरेटर वी रमेश कुमार और बीसीसीआई की पिच और मैदान समिति के प्रमुख तापस चटर्जी के सामने ऐसी पिच तैयार करने की चुनौती है, जिसमें टॉस इतना अधिक महत्वपूर्ण नहीं हो।

मेलबर्न

भारतीय टेनिस खिलाड़ी दिविज शरण और अंकिता रैना वर्ष के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन में क्रमश: पुरुष और महिला वर्ग के युगल मुकाबले के पहले दौर में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। शरण और स्लोवाकिया के इगोर जेलेने की जोड़ी को पहले दौर में जर्मन जोड़ी केविन कराविट्ज और यानिक हांफमान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।   शरण और जेलेने की जोड़ी को जर्मन।जोड़ी ने एक घंटे चार मिनट तक चले मुकाबले में 6-1,6-4 से शिकस्त दी। वहीं,महिला युगल वर्ग में अंकिता और रोमानिया की उनकी जोड़ीदार मिहाएला बुजारनेस्कू को पहले दौर में ऑस्ट्रेलियाई जोड़ी बेलिंडा वुलकॉक और ओलिविया गादेकी ने एक घंटे 17 मिनट तक चले मुकाबले में लगातार सेटों में 6-3, 6-0 से हराकर टूर्नामेंट से बाहर कर दिया। शरण और अंकिता से पहले रोहन बोपन्ना भी पुरुष युगल वर्ग का मुकाबला हारकर बाहर हो गए थे। हालांकि वह चीन की अपनी जोड़ीदार डुआन यिनगिंग के साथ ब्रिटेन के जैमी मरे और अमेरिका की उनकी जोड़ीदार बेथानी मातेक सैंड्स के खिलाफ मिश्रित युगल वर्ग के पहले राउंड में चुनौती पेश करेंगे।

चेन्नई

इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट से बाहर हो सकते हैं। टीम के कोच क्रिस सिल्वरवुड ने इस बात के संकेत दिए हैं। एंडरसन ने पहले मैच में 5 विकेट लिए थे। इंग्लैंड ने चेन्नई मैच 227 रन से जीतकर 4 टेस्ट की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। सीरीज का दूसरा टेस्ट भी चेन्नई में 13 फरवरी से खेला जाएगा। टीम मैनेजमेंट एंडरसन की जगह स्टुअर्ट ब्रॉड को मौका देने के मूड में है। हालांकि, एंडरसन मैनेजमेंट के इस बदलाव के फैसले पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं।

सिल्वरवुड ने कहा, ‘मैं विनिंग टीम में बदलाव नहीं करने के पक्ष में नहीं हूं। यदि टीम और खिलाड़ियों के लिए अच्छा है, तो बदलाव होना चाहिए। हां, वे (एंडरसन) एक शानदार प्लेयर हैं, लेकिन आपको बस इंतजार करते हुए देखना होगा कि क्या होता है।’

एंडरसन को आराम देने के संकेत देते हुए कोच ने कहा, ‘क्या यह मेरे दिमाग में (ब्रॉड और एंडरसन को एक साथ खिलाने) है? हां, यह दोनों ही बेहतरीन प्लेयर हैं, लेकिन यहां कई तरह के प्लान पर काम हो सकता है। हमें सभी खिलाड़ियों का ध्यान रखना है। हमारे पास ऐसे कई बॉलर हैं, जो किसी भी परिस्थिति में खेल सकते हैं। मैं बहुत खुशनसीब महसूस करता हूं कि मेरे पास इतने अच्छे प्रतिभावान खिलाड़ी हैं।’

स्पिनर मोइन अली को मौका मिल सकता है

पहले मैच से बाहर ऑलराउंडर मोइन अली को दूसरे मैच में मौका मिल सकता है। इस पर कोच ने कहा, ‘हर तरह के प्रस्ताव और प्लान को टेबल पर रखा गया है। यदि हमें लगता है तो टीम में बदलाव किया जाएगा और इसके लिए हमारे पास कई विकल्प भी हैं। वे (मोइन) कड़ी मेहनत कर रहे हैं। उन्हें भी मौका मिल सकता है। वे एक मैच नहीं खेले, यह मैं स्वीकार करता हूं, लेकिन यह समय अलग है।’

 

पुणे

पुणे मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा शिवाजी नगर मेट्रो परियोजना के लिए हिंजेवाड़ी में जगह मिलने से कार शेड की समस्या हल हो गयी है। कलेक्ट्रेट ने संबंधित भूमि को कब्जे में लेने के बाद परियोजना प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजे को तय करने के बाद संभागीय आयुक्त को प्रस्ताव भेजा है। इसके अलावा जिला प्रशासन ने मेट्रो परियोजना के लिए यशदा और वाडिया कॉलेजों के खाली पड़े स्थान को भी अपने कब्जे में ले लिया है।हिंजेवाड़ी से शिवाजीनगर मेट्रो परियोजना को सार्वजनिक निजी भागीदारी के आधार पर पीएमआरडीए द्वारा प्रस्तावित किया गया है। 2019 में विधानसभा चुनावों की आचार संहिता की घोषणा से पहले इस परियोजना के लिए टाटा-सीमेंस के साथ रियायत समझौते की प्रक्रिया पूरी हो गई थी।

police

ठाणे

महाराष्ट्र पुलिस बल में करीब 20,000 रिक्तियां हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक हेमंत नगराले ने इस बारे में बताया। नगराले सोमवार को मीरा-भायंदर में संवाददाताओं से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा 2019 और 2020 में लंबित भर्ती प्रक्रिया को पूरी करते हुए ये रिक्तियां भरी जाएंगी। उन्होंने माना कि नव गठित मीरा-भायंदर वसई विरार पुलिस आयुक्त कार्यालय में भी कर्मचारियों की कमी है। उन्होंने कहा कि जिला पुलिस में रिक्तियों को भरे जाने की प्रक्रिया की समीक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के अंतर्गत एक समिति बनायी गयी है। यह समिति अगले 15 दिनों में एक योजना तैयार करेगी। 


मुंबइ

अंडरवल्ड डॉन दाउद के करीबी रह चुके डॉन एजाज लकड़ावाला को दो करोड़ रुपये की हफ्ता वसूली के मामले में ठाणे क्राइम ब्रांच ने अपनी कस्टडी में लिया है। एजाज पर आरोप है कि उसन जेल में रहते हुए कल्याण इलाके के एक दूध व्यापारी से दो करोड़ रुपये की रंगदारी की मांग की थी। रंगदारी के लिए दूध व्यापारी को धमकाए जाने के मामले में क्राइम ब्रांच ने एजाज को अपनी कस्टडी में लिया है। हालांकि ये मामला साल 2019 का है, लेकिन उसे अब हिरासत में लिया गया है।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एजाज के बाद पुलिस उसके चचेरे भाई नदीम को भी अपनी हिरासत में लेगी। आरोप है कि नदीम व्यापारियों के फोन नंबर अपने करीबियों से निकलवाकर एजाज को हफ्ता वसूली के लिए भेजता है। एजाज लकड़वाला फिलहाल तलोजा जेल में बंद है। एजाज लकड़ावाला को जनवरी 2020 में पटना से गिरफ्तार किया गया था। एजाज की बेटी ने मुंबई पुलिस को उसके बारे में कुछ सुराग दिया था, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था।दाउद का करीबी है एजाजडॉन एजाज लकड़ावाला अंडरवल्ड डॉन दाउद इब्राहिम का करीबी माना जाता है। उस पर 25 से ज्यादा ममाले दर्ज हैं। जिनमें मर्डर, फिरौती, किडनैपिंग जैसे मामले शामिल हैं। एजाज साल 2004 में एक हॉस्पिटल से फररा हो गया था। 2008 के बाद से उसके बार में पुलिस को कोई भी जानकारी नहीं मिली थी। छोटा राजन गैंग का सदस्य रह चुका एजाज दिल्ली और मुंबई में 24 से ज्यादा मामलों में वांछित है, जिनमें हत्या और फिरौती के मामले शामिल हैं।

 
मुंबइ

राज्य के स्वास्थ्य मंत्री राजेश टोपे ने कहा कि अभी तक पांच लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है। राज्य में प्राथमिकता वाले व्यक्तियों को 652 टीकाकरण केंद्रों पर टीका लगाया जा रहा है। तीसरे चरण में  50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को टीका लगाया जाएगा और इनका पंजीकरण एक मार्च से शुरू होने की संभावना है।


बढ़ रही है टीकाकरण केंद्रों की संख्या


मंत्रालय में आयोजित बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए स्वास्थ्य मंत्री टोपे ने कहा कि केंद्र सरकार के निर्देशानुसार राज्य में टीकाकरण शुरू किया गया है। हर हफ्ते टीकाकरण केंद्रों की संख्या बढ़ रही है। राज्य में हर दिन लगभग 40 से 45 स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा रहा है।


अभी तक कोविन पोर्टल पर अब तक 10 लाख 54 हजार स्वास्थ्य कर्मचारियों का पंजीकरण किया जा चुका है, जिनमें से चार लाख 68 हजार 293 स्वास्थ्य कर्मचारियों का टीकाकरण किया जा चुका है। 5 लाख 47 हजार फ्रंटलाइन वर्कर पंजीकृत किए गए हैं, जिनमें से 41 हजार 453 को टीका लगाया गया है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के तीसरे चरण में 50 वर्ष से अधिक उम्र के लोग व बीमारियों से पीड़ित हैं, ऐसे लोगों को टीका लगाया जाएगा। अभी इस संबंध में केंद्र सरकार से कोई निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। 


आम तौर पर उनका पंजीकरण 1 मार्च के आसपास शुरू होने की संभावना है, जिसके बाद उन्हें टीका लगाया जाएगा।

 
मुंबइ

मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में हाफकिन इंस्टीट्यूट को लेकर समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि हाफकिन इंस्टीट्यूट का मुख्य कार्य विभिन्न रोगों के लिए टीके का विकास और अनुसंधान करना है, इसलिए आने वाले समय मे यहां बड़े पैमाने पर शोध कार्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। सरकार इसके लिए सभी आवश्यक सहयोग करेगी। उन्होंने संस्थान से कोविड का टीका विकसित करने को कहा। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि हाई क्वालिटी वाले स्वास्थ्य उत्पादों के उत्पादन के अलावा हाफकिन इंस्टीट्यूट को आने वाले वर्षों में कोविड के लिए टीके निर्माण के साथ-साथ अनुसंधान पर ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए आईसीएमआर और भारत बायोटेक से कोविड टीके की तकनीक को स्थानांतरित करने के लिए भी प्रयास किए जाने चाहिए। निकट भविष्य में हाफकिन इंस्टीट्यूट में एक अप-टू-डेट वैक्सीन अनुसंधान केंद्र स्थापित करने के लिए राज्य सरकार का पूरा सहयोग होगा।


पोलियो उन्मूलन अभियान 


में प्रमुख योगदान


मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पोलियो उन्मूलन अभियान में प्रमुख योगदान देने वाले हाफकिन इंस्टीट्यूट ने पिछले छह माह में तकरीबन 28 करोड़ से अधिक टीकों का निर्माण किया है। यह बात सराहनीय है। राज्य की फिलहाल की स्थिति को ध्यान में रखते हुए हाफकिन इंस्टीट्यूट को जल्द ही कोविड वैक्सीन के लिए शोध करने की आवश्यकता है। अगर हाफकिन संस्थान वैक्सीन विकसित करने में सफल होता है, तो यह हम सभी के लिए गर्व की बात होगी। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री अमित देखमुख राज्यमंत्री राजेंद्र पाटिल यड्रावकर, हाफकिन इंस्टीट्यूट की संचालक सीमा व्यास, चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक सौरभ विजय, हाफकिन बायो फार्मासिटिकल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक डॉ. संजय राठौर आदि उपस्थित थे।


15 दिनों में परियोजना प्रारूप पेश करने का निर्देश  


ठाकरे ने कहा कि मानव सेवा में समर्पित हाफकिन इंस्टीट्यूट ने अनुसंधान और दवा निर्माण में बड़ा योगदान दिया है। हाफकिन को नया स्वरूप देने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। डॉ. रघुनाथ माशेलकर की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति ने हाफकिन इंस्टीट्यूट को आने वाले पांच साल में पांच परियोजनाओं के लिए 1,100 करोड़ रुपए की आवश्यकता बताई है। ये पांच महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए सरकार पूरा समर्थन करती है। इसके लिए अगले 15 दिनों में एक विस्तृत योजना रिपोर्ट तैयार करना चाहिए। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने निर्देश दिया कि कार्य योजना में इस बात का विवरण होना चाहिए कि किस परियोजना को पहले शुरू किया जाना चाहिए? इसे कैसे पूरा किया जाना चाहिए? इसके लिए आवश्यक धन की योजना तथा राज्य सरकार से लगने वाली आवश्यक निधि का संपूर्ण विवरण होना चाहिए।  


चमोली

उत्तराखंड के चमोली जिले में रविवार को भीषण त्रासदी के बाद रेस्क्यू ऑपरेशन तीसरे दिन भी जारी है। भारतीय सेना, आईटीबीपी, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ और भारतीय वायुसेना के अलावा नौसेना ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए मोर्चा संभाला है। चमोली में तपोवन के पास सुरंग में फंसे मजदूरों को निकालने का काम जारी है। उत्तराखंड के DGP ने बताया कि अभी तक 29 शव बरामद किए जा चुके हैं। अभी कई लोगों के फंसे होने की आशंका है। उनकी तलाश के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है।


बाढ़ का खतरा नहीं


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड आपदा को लेकर संसद में मंगलवार को जानकारी दी। शाह ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने बताया है कि अब निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा नहीं है और पानी का लेवल भी घट रहा है। ज्यादातार इलाकों में बिजली की आपूर्ति बहाल कर दी गई है। पांच क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत भी शुरू कर दी गई है। शाह ने कहा कि आईटीबीपी के 450 जवान, एनडीआरएफ की पांच टीमें, भारतीय सेना की आठ टीमें, नेवी की एक टीम, भारतीय वायुसेना के पांच हेलिकॉप्टर रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हैं।


197 लोग लापता


अमित शाह ने बताया कि ऋषिगंगा प्रोजेक्ट में एक टनल से 15 लोगों को बचाया गया है। दूसरे टनल में 25-35 लोगों के फंसे होने का अनुमान है। उन्होंने बताया कि एनटीपीसी के 12 लोगों को बचाया गया है। राहत और बचाव के सभी काम राज्य सरकार के साथ समन्वय के साथ किए जा रहे हैं। आपदा के बाद से 197 लोग अभी भी लापता हैं।


रेस्क्यू में लगा MI-17 हेलिकॉप्टर


तपोवन में रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अब ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। ड्रोन के जरिए तस्वीरें निकालकर अंदर के हालात का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों को बचाया जा रहा है। हैदराबाद की एक टीम के पास ऐसी रिमोट सेंसिंग डिवाइस है, जो जमीन में 500 मीटर तक गहरे मलबे का पता लगा सकता है। उत्तराखंड के डीजीपी अशोक कुमार ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर की मदद से इस डिवाइस का इस्तेमाल रेस्क्यू ऑपरेशन में किया जा रहा है।


पुलों की मरम्मत जारी


चमोली के जिलाधिकारी ने बताया कि हादसे में क्षतिग्रस्त पुलों की मरम्मत का काम जारी है, जबकि जिपलाइन को पहले ही ठीक किया जा चुका है। 


इसका इस्तेमाल एसडीआरएफ कर्मी उन इलाकों में पहुंचने के लिए कर रहे हैं, जो हादसे के बाद पूरी तरह से कट गए थे। राशन की आपूर्ति की जा रही है और हेलिकॉप्टरों की मदद से आपातकालीन मामलों को तुरंत देखा जा रहा है।


नई दिल्ली

राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद की तारीफ करते हुए भावुक हो गए। गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद का उच्च सदन में कार्यकाल पूर्ण हो रहा है और उन्हें मंगलवार को विदाई दी गई। मोदी ने उन्हें एक बेहतरीन मित्र बताते हुए कहा कि सदन के अगले नेता प्रतिपक्ष को आजाद द्वारा स्थापित मानकों को पूरा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। आजाद ने अपने दल की चिंता जिस तरह की, उसी तरह उन्होंने सदन और देश की भी चिंता की। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता पद पर रहते हुए आजाद ने कभी दबदबा स्थापित करने का प्रयास नहीं किया।


प्रधानमंत्री ने बताया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब आजाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। उन दिनों कश्मीर में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ और कुछ पर्यटक मारे गए थे। इनमें गुजरात के पर्यटक भी थे। मोदी ने कहा कि तब सबसे पहले गुलाम नबी आजाद ने फोन कर उन्हें सूचना दी और उनके आंसू रुक नहीं रहे थे। मैंने तत्कालीन रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी से पर्यटकों के पार्थिव शरीर लाने के लिए सेना का हवाई जहाज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, जो उन्होंने स्वीकार कर लिया। रात को पुन: आजाद ने फोन किया। यह फोन उन्होंने हवाईअड्डे से किया और उनकी चिंता उसी तरह थी, जिस तरह लोग अपने परिवार की चिंता करते हैं। यह बोलते हुए प्रधानमंत्री का गला रुंध गया। मोदी ने कहा कि मेरे लिए बहुत भावुक पल था। अगले दिन सुबह पुन: आजाद का फोन आया और उन्होंने पूछा कि मोदी जी, क्या सभी पहुंच गए। उन्होंने कहा कि एक मित्र के रूप में घटनाओं और अनुभव को देखते हुए मैं आजाद का बहुत आदर करता हूं।’’( शेष पेज 5 पर)



नई दिल्ली

राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि मैं गर्व से भरा एक भारतीय मुसलमान हूं। मुस्लिमों को इस देश पर गर्व होना चाहिए लेकिन बहुसंख्यक समुदाय को भी अल्पसंख्यक समुदाय की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाना चाहिए। आजाद का राज्यसभा कार्यकाल इस महीने समाप्त हो रहा है।


आजाद ने कहा कि मैं कभी पाकिस्तान नहीं गया, लेकिन मुझे उस देश की समस्याओं और परिस्थितियों का पता है और मुझे उम्मीद है कि उन समस्याओं को भारत के मुसलमानों को सामना नहीं करना पड़ेगा और कई देशों में मुसलमानों की स्थिति को देखने के बाद मुझे एक हिंदुस्तानी मुस्लिम होने पर गर्व महसूस होता है। उन्होंने कहा कि मैं 41 साल से संसद और राज्य विधानसभा में हूं और पार्टी अध्यक्ष के रूप में इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी के साथ काम करने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उन्हें ज्योति बसु सहित कई बड़े नेताओं के साथ संवाद करने का मौका दिया। जम्मू और कश्मीर से सेवानिवृत्त हो रहे राज्यसभा सदस्यों ने सदन से आग्रह किया कि जम्मू-कश्मीर के मुद्दों पर विचार किया जाना चाहिए और राज्य के लोगों के लाभ के लिए जल्द ही राज्य की बहाली की जानी चाहिए। आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके भावपूर्ण शब्दों के लिए धन्यवाद दिया और यह भी कहा कि वह संजय गांधी, फिर इंदिरा गांधी और बाद में राजीव गांधी की असमय मृत्यु के बाद रोये थे और ओडिशा में चक्रवात के बाद भी उनके आंसू निकल गए थे। प्रधानमंत्री मोदी भी आजाद की विदाई करते हुए भावुक हो गए और राज्यसभा में उन्हें सलामी दी। आजाद इस महीने उच्च सदन से सेवानिवृत्त होने वाले चार सदस्यों में से एक हैं।


प्रधानमंत्री ने राजनीति और सदन में आजाद के योगदान की चर्चा करते हुए कहा, आप सदन से सेवानिवृत्त हो रहे हैं, लेकिन मैं आपको सेवानिवृत्त नहीं होने दूंगा और मेरे दरवाजे आपके लिए खुले हैं और मुझे आपके योगदान और सलाह की आवश्यकता होगी। मोदी ने कहा कि जो भी व्यक्ति आजाद की जगह लेगा, उसके योगदान के बराबर काम करना उनके लिए एक कठिन काम होगा। मोदी ने कहा, वह अपनी पार्टी के बारे में चिंतित रहते हैं, लेकिन सदन और देश के बारे में ज्यादा चिंतित हैं।


मोदी ने कांग्रेस नेता के साथ अपने संबंधों को भी याद किया जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मोदी ने कहा, जब कश्मीर में गुजराती पर्यटकों पर हमला हुआ था, तो आजाद ने मुझे सूचित किया था और लगभग रो रहे थे। अपने भाषण के दौरान आजाद भी इस घटना का उल्लेख करते समय भावुक हो गए और कहा कि वह प्रार्थना करते हैं कि देश में आतंकवाद समाप्त हो।


नई दिल्ली

26 जनवरी को लाल किले में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार पंजाबी एक्टर दीप सिद्धू को कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर दे दिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने सिद्धू को मंगलवार को दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कोर्ट में कहा कि सिद्धू लाल किले में हिंसा भड़काने के प्रमुख आरोपियों में शामिल हैं।


दीप सिद्धू को पुलिस ने सोमवार रात 10.40 बजे करनाल बायपास से गिरफ्तार किया था और मंगलवार सुबह गिरफ्तारी की जानकारी दी। सिद्धू पर लाल किले में उपद्रवियों को भड़काने का आरोप है। उपद्रवियों ने किले की प्राचीर पर धार्मिक झंडा लगाया था और हिंसा भी की थी।


सिद्धू लाल किले की घटना के बाद से फरार थे, लेकिन सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो अपलोड कर रहे थे। पुलिस ने उन पर 1 लाख रुपए का इनाम भी घोषित किया था। न्यूज एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक सिद्धू कैलिफॉर्निया में अपनी एक फ्रेंड के कॉन्टैक्ट में थे। उस फ्रेंड के जरिए ही फेसबुक पर वीडियो अपलोड करवा रहे थे। साथ ही पुलिस को चकमा देने के लिए बार-बार लोकेशन बदल रहे थे।

 
वाशिंगटन

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर बातचीत की और द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए एक महत्वाकांक्षी प्रारूप तय किया।


दोनों नेताओं ने कोविड-19 से मिलकर मुकाबला करने पर सहमति जताई तथा जलवायु परिवर्तन पर आपसी साझेदारी को नया स्वरूप देने पर प्रतिबद्धता जाहिर की। बाइडेन और मोदी ने दोनों देशों की जनता के फायदे के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के पुनर्निर्माण तथा वैश्विक आतंकवाद के खतरे का मिलकर सामना करने पर भी सहमति प्रकट की। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।


बातचीत का ब्यौरा देते हुए व्हाइट हाउस ने कहा कि दोनों नेताओं ने हिंद प्रशांत क्षेत्र में मुक्त व्यापार को बढ़ावा देने के वास्ते नजदीकी सहयोग को जारी रखने पर सहमति जताई। इसमें नौवहन की स्वतंत्रता, क्षेत्रीय अखंडता और ‘क्वाड’ के जरिये मजबूत क्षेत्रीय अवसंरचना का निर्माण शामिल है।


बातचीत के दौरान बाइडेन ने विश्व भर में लोकतांत्रिक संस्थानों की रक्षा के अपने संकल्प को रेखांकित किया और कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति साझा प्रतिबद्धता भारत अमेरिका संबंधों का आधार है।


इसमें कहा गया कि इसके अलावा दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि बर्मा में लोकतांत्रिक प्रक्रिया और कानून का पालन होना चाहिए। दोनों नेताओं ने कई वैश्विक मुद्दों पर बातचीत की प्रकिया को जारी रखने और आने वाले समय में भारत तथा अमेरिका के संबंधों को आगे ले जाने पर सहमति जताई।


 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समिट-लेवल की बातचीत की। इस दौरान गनी ने कोरोना वैक्सीन मुहैया कराने के लिए भारत का आभार जताया। साथ ही पीएम मोदी ने अफगानिस्तान में बढ़ रही हिंसा पर चिंता व्यक्त की। बातचीत करते हुए अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने कहा, ''इस महत्वपूर्ण समय में वैक्सीन की 5,00,000 खुराकें हमें देने का आपने फैसला किया। इससे बड़ा तोहफा कोई और नहीं हो सकता है।'' पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अफगानिस्तान, दोनों इस क्षेत्र को आतंकवाद से मुक्त देखना चाहते हैं। हम अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा से चिंतित हैं और युद्ध विराम का समर्थन करते हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोई बाहरी ताकत अफगानिस्तान के विकास और भारत के साथ दोस्ती को रोक नहीं सकती है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण एशिया की समृद्धि, कनेक्टिविटी और स्थिरता के लिए एक संप्रभु और एकजुट अफगानिस्तान आवश्यक है। शांति अफगान के लोगों की इच्छा है, लेकिन यह शांति शांति होनी चाहिए।


नई दिल्ली

सरकार की सख्ती देख आखिरकार ट्विटर हरकत में आ गया है। कंपनी ने 126 ऐसे यूआरएल ब्लॉक कर दिए हैं जो किसान आंदोलन की आड़ में भारत में हिंसा व उपद्रव को भड़काने के लिए किए जा रहे ट्वीट के साथ शेयर किए जा रहे थे। हालांकि ट्विटर ने पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई नहीं किया है। अभी भी भड़काऊ पोस्ट करने वाले कई ट्विटर अकाउंट सक्रिय हैं। भारत में ट्विटर के शीर्ष अधिकारी ने आइटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की गुहार लगाई है। सूत्रों के मुताबिक ट्विटर के अधिकारी से आइटी मंत्रालय के सचिव बात कर सकते हैं। 


सरकार ने ट्विटर से पाकिस्तान एवं खालिस्तान समर्थन वाले 1,178 अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था जिनके ट्वीट भारत की एकता एवं अखंडता के लिए खतरनाक साबित हो सकते थे और जिससे भारत में अशांति फैल सकती थी। सूत्रों के मुताबिक इनमें से 583 अकाउंट अब काम नहीं कर रहे हैं। गत चार फरवरी को मंत्रालय की तरफ से ऐसे अकाउंट की सूची ट्विटर को सौंपी गई थी। हालांकि, दो दिन पहले तक सभी अकाउंट सक्रिय बताए जा रहे थे। इससे पहले 31 जनवरी को मंत्रालय ने ट्विटर को 257 ऐसे यूआरएल की सूची दी थी जो भड़काऊ हैशटैग से किए जा रहे ट्वीट के साथ शेयर किए जा रहे थे। 


 नई दिल्ली

पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव में फर्जी मतदाताओं की पहचान करने, एवं चुनाव प्रक्रिया के ब्योरे तत्काल सामने लाने के लिए निर्वाचन आयोग अपने बूथ मोबाइल ऐप का पूरी तरह से इस्तेमाल कर सकता है। यह जानकारी एक अधिकारी ने मंगलवार को दी। अगर ऐसा होता है तो पश्चिम बंगाल पहला राज्य होगा जहां की चुनावी प्रक्रिया में इस ऐप का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जाएगा।  निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने बताया, '' यह अभी योजना के स्तर पर है। अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया हैं। हमें उम्मीद है कि इससे पारदर्शी एवं निष्पक्ष चुनाव कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि ऐप निर्वाचन आयोग के सर्वर से जुड़ा है एवं कूट तरीके से आंकडें देगा। अधिकारी ने बताया, ''यह लिंग एवं आयु आधारित मतदान की जानकारी देता है। यह मतदान की गति और चुनाव संबंधी अन्य जानकारी भी देता है। उन्होंने बताया, ''फोटो मतदाता पर्ची पर कूटबद्ध क्यूआर कोड होगा जिसे मतदाता को मतदान केंद्र में प्रवेश देने से पहले स्कैन किया जाएगा। मतदान करने से पहले इस कोड को दूसरी बार स्कैन किया जाएगा। अधिकारी ने बताया, ''जैसे ही मतदाता मतदान करेगा, उसका डाटा निर्वाचन आयोग के सर्वर पर चला जाएगा जिससे पीठासीन अधिकारी वास्तविक समय में मतदान प्रतिशत एवं अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे चुनाव प्रक्रिया को न केवल गति मिलेगी बल्कि सही जानकारी दर्ज हो यह सुनिश्चित होगा। अधिकारी ने बताया, ''बूथ ऐप मतदान के दोहराव का पता लगाने में सक्षम है और ऐसा होने पर वह चुनाव अधिकारियों के फोन में तेज आवाज करके उन्हें आगाह कर देगा। उन्होंने बताया कि इस ऐप का इस्तेमाल प्रायोगिक तौर पर वर्ष 2019 के चुनाव के दौरान उत्तर प्रदेश के पांच, महाराष्ट्र ,बिहार और पंजाब के तीन बूथों एवं झारखंड की 10 सीटों पर किया गया था। उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव इस साल अप्रैल-मई में होने हैं। 

 
नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने तीनों कृषि कानून लागू करने की मैदा मिलों की मांग पर केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही कोर्ट ने कानून लागू करने की मांग वाली इन याचिकाओं को कृषि कानून के मुद्दे पर लंबित अन्य याचिकाओं के साथ सुनवाई के लिए संलग्न करने का आदेश दिया है। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ की दो मैदा मिलों रामवे फूड्स लिमिटेड और आरसीएस रोलर फ्लोर मिल्स लिमिटेड ने कृषि कानूनों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की है। याचिका में मांग की गई है कि केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार को निर्देश दिया जाए कि वे तीनों नये कृषि कानूनों को लागू करें। 


कुल उत्पादन का 30 फीसद गेहूं उपयोग करती हैं रोलर फ्लोर मिलें


मंगलवार को प्रधान न्यायाधीश एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने ये नोटिस जारी किये। इससे पहले वकील डीके गर्ग ने कानून का समर्थन करते हुए कहा कि रोलर फ्लोर मिल्स गेहूं की बड़ी स्टेक होल्डर हैं। कुल उत्पादन का 30 फीसद गेहूं रोलर फ्लोर मिलें उपयोग करती हैं। उनकी मांग है कि तीनों नये कृषि कानून लागू किये जाएं।


याचिका में कहा गया है कि देश में करीब 2000 रोलर फ्लोर मिल्स हैं जो बड़े पैमाने पर आटा, मैदा, सूजी और ब्रान का उत्पादन करती हैं। ये मिलें गेहूं की बड़ी उपभोक्ता है। यह भी कहा गया है कि वे कृषि उपज के बड़े स्टेक होल्डर है इसलिए कोर्ट द्वारा गठित कमेटी में उनके प्रतिनिधि भी होने चाहिए। ताकि कानूनों का समर्थन करने वाले उन लोगों की मुश्किलों और शिकायतों पर विचार हो। याचिका में मौजूदा व्यवस्था की खामियां गिनाते हुए कहा गया है कि ज्यादातर राज्यों में किसान और व्यापारियों को मजबूरन 150 से 200 रुपये प्रति क्विंटल तक गैरजरूरी खर्च करना पड़ता है।


नया कानून लागू होने के बाद गेहूं की खरीद मंडी से बाहर भी हो सकती है। फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री जैसा की याचिकाकर्ता हैं, सीधे किसान से खरीद सकेंगे और यह गैर जरूरी खर्च बचेगा। नये कानूनों में किसानों के हित संरक्षित किये गए हैं। 



कोलकाता 

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने को लेकर राजनीतिक पार्टियां जी जान से लगी हुई हैं। वहीं बंगाल का किला फतह करने को भारतीय जनता पार्टी ने भी अपनी कमर कस ली है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को पश्चिम बंगाल दौर पर हैं, जहां एक रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने ममता बनर्जी पर जमकर हमला बोला। 


नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी को न मां की चिंता है और न ही माटी से प्यार है, उनको केवल तानाशाही से मतलब है। जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में बंंगाल बसा है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा मंगलवार को 'परिवर्तन यात्रा' की शुरुआत करने पश्चिम बंगाल के बीरभूमि पहुंचे। इस दौरान उन्होंने तारापीठ मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद जब जनता को संबोधित करने के लिए जेपी नड्डा स्टेज पर पहुंचे, तो उनके साथ एक घटना घटी। भाषण देने के लिए जैसे ही उन्होंने माइक पर बोलना शुरू किया उनका माइक बंद हो गया। इसके बाद नड्डा ने स्टेज पर मौजूद दूसरे माइक को इस्तेमाल करना शुरू किया। 


इस दौरान उन्होंने कहा कि मंच बदल सकता है, इरादे नहीं बदलते। चाहे कितनी भी साजिशेंं रचीं जाएं, लेकिन संदेश स्पष्ट है कि हम रुक नहीं सकते। जेपी नड्डा ने कहा कि प्रदेश में अब परिवर्तन की जरूरत है, जो होकर ही रहेगा।


बंगाल की संस्कृति खतरे में 


जेपी नड्डा ने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि एक तरफ हम ममता जी को और दूसरी तरफ बंगाल को देख रहे हैं। आज उनके नेतृत्व में बंगाल की संस्कृति भी खतरे में पड़ गई है। उन्होंने कहा कि जो बंगाल संस्कृति, विकास, देश दृष्टि और दिशा देने के लिए जाना जाता था, ऐसे बंगाल के विकास को रोकने का काम, भाई को भाई से लड़ाने का काम, बंगाल में भ्रष्टाचार फैलाने का काम, ममता सरकार ने किया है।


भाजपा जनता को साथ लेकर करेगी असली परिवर्तन 


नड्डा ने कहा कि बंगाल के जागरूक लोग राज्य में परिवर्तन चाहते हैं। यह परिवर्तन यात्रा बंगाल को लोगों को जागरूक करेगी और राज्य में वास्तविक परिवर्तन आएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा की परिवर्तन यात्रा बंगाल के घर-घर जाएगी, इलाके का दौरा करेगे, बंगाल की जनता को जागरूक करेगी और जनता को साथ लेकर बंगाल का असली परिवर्तन करेगी। हम लोग बंगाल में भाजपा की परिवर्तन यात्राओं की शुरुआत करेंगे। ये यात्राएं हम सभी को विकास की ओर ले जाने के लिए प्रेरित करते हुए जनता को जोड़ने का काम करेगी।


उन्होंने कहा कि यह परिवर्तन यात्रा असल में पश्चिम बंगाल में परिवर्तन करने के लिए निकली है। यह परिवर्तन यात्रा बंगाल में ममता बनर्जी ने जिस तरह से राज चलाया है उस राज के खिलाफ परिवर्तन लाने के लिए है। बंगाल परिवर्तन चाहता है। ममता दीदी ने मां माटी मानुष की बात करती हैं लेकिन उन्होंने इसके लिए कुछ नहीं किया है।


पूछा, ममता जी आपको इतना दर्द क्यों?


नड्डा ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल में बंगाल बसा है। ममता जी आपको इतना दर्द क्यों होता है? उन्होंने कहा कि 2021 के बजट में मोदी जी ने कोलकाता से सिलिगुड़ी तक के 675 किमी हाईवे के लिए 25,000 करोड़ रुपये देना तय किया है। नड्डा ने कहा कि ममता बनर्जी को न मां की चिंता है, न माटी से प्यार है और न ही मानुष की चिंता है। उनको केवल तानाशाही से मतलब है।



नई दिल्ली

सार्वजनिक क्षेत्र की ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ओएनजीसी) ने कहा कि वह लद्दाख में देश की पहली भू-तापीय क्षेत्र विकास परियोजना को क्रियान्वित करेगी। इसमें पृथ्वी-गर्भ की ऊष्मा का उपयोग स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में किया जाएगा। ओएनजीसी के बयान के अनुसार, भू-तपीय संसाधनों के विकास से लद्दाख में खेती में क्रांति आ सकती है। फिलहाल इस क्षेत्र में पूरे साल ताजी सब्जी, फल की आपूर्ति बाहर से होती है। प्रत्यक्ष ऊष्मा ऊर्जा अनुप्रयोग इसे लद्दाख के लिए सबसे अधिक प्रासंगिक बनाते हैं। कंपनी ने एक बयान में कहा,इसे औपचारिक रूप देने के लिए ओएनजीसी एनर्जी सेंटर (ओईसी) ने छह फरवरी को केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख और लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद, लेह के साथ सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। ओएनजीसी की इस परियोजना से भारत भूतपीय बिजली के मामले में वैश्विक मानचित्र पर आ जाएगा। भू-तपीय ऊर्जा स्वच्छ है और यह 24 घंटे, 365 दिन उपलब्ध है। भू-तपीय बिजली संयंत्रों के पास औसत उपलब्धता 90 प्रतिशत और उससे भी अधिक है। जबकि कोयला आधारित संयंत्रों के मामले में यह करीब 75 प्रतिशत है। कंपनी ने तीन चरणों में इसके विकास की योजना बनायी है। पहले चरण में 500 मीटर की गहराई तक कुओं की खुदाई की जाएगी। यह खोज-सह-उत्पादन अभियान होगा। इसमें पायलट आधार पर एक मेगावाट तक की क्षमता के संयंत्र स्थापित किये जाएंगे। दूसरे चरण में भू-तापीय क्षेत्र के लिये और गहराई में खोज की जाएगी। इसके तहत अनुकूलतम संख्या में कुओं की खुदाई की जाएगी और उच्च क्षमता के संयंत्र लगाये जाएंगे तथा विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी।


नई दिल्ली

फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड (FGII) ने हेल्थ सुपर सेवर के लॉन्च की घोषणा की, जो प्रीमियम पर छूट की पेशकश करने वाला एकदम अनोखा इंश्योरेंस प्रोडक्ट है। इसके तहत प्लान के पहले/ दूसरे वर्ष में कोई क्लेम नहीं किए जाने की स्थिति में, पॉलिसी अवधि के आने वाले वर्ष (वर्षों) में लागू प्रीमियम पर 80 ूफीसदी छूट दी जाएगी। FGII की ओर से दो वैरिएंट्स, यानी 1X और 2X में इस प्रोडक्ट का प्रस्ताव दिया जा रहा है। हेल्थ सुपर सेवर 1X योजना के तहत, प्लान के पहले वर्ष में कोई क्लेम नहीं किए जाने पर अगले वर्ष में लागू प्रीमियम पर 80 फीसदी की छूट दी जा रही है। जबकि हेल्थ सुपर सेवर 2X योजना के तहत, प्लान के शुरुआती दो वर्षों में कोई क्लेम नहीं किए जाने पर, अथवा पहली बार क्लेम किए जाने तक पॉलिसीधारक को प्लान के अगले दो वर्षों के लिए प्रीमियम पर 80 फीसदी की छूट मिल सकती है। इसके अलावा, यदि परिवार के दो या दो से अधिक सदस्यों को व्यक्तिगत बीमा राशि के आधार पर कवरेज दी गई है तो उस स्थिति में पॉलिसी पर 10 फीसदी की अतिरिक्त पारिवारिक छूट दी जाती है। इस प्रोडक्ट के तहत 1 दिन की आयु के नवजात शिशु से लेकर 70 वर्ष तक की उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को कवरेज दी जाती है। इस अवसर पर श्री अनूप राउ, एमडी एवं सीईओ, फ्यूचर जेनराली इंडिया इंश्योरेंस ने कहा कि यह प्रोडक्ट सचमुच बेजोड़ है। पॉलिसी के पहले साल में कोई क्लेम नहीं किए जाने पर ग्राहक को अगले साल प्रीमियम में 80फीसदी की छूट मिलती है। हर बात को स्पष्ट एवं मोटे अक्षरों में लिखा गया है जिसमें किसी प्रकार की कोई शंका या शक की गुंजाइश नहीं है।


पटना

पटना हाईकोर्ट ने ट्रेंड नियोजित शिक्षकों को ट्रेनिंग पूरी होने की तारीख से ग्रेड पे का लाभ देने का आदेश दिया है। साथ ही सरकारी अधिकारियों के कामकाज करने के तरीके पर तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि लोगों को बेवजह परेशान करने की बजाय कोर्ट आदेश का सही तरीके से पालन करें, ताकि लोग कोर्ट में केस दायर करने से बचें। न्यायमूर्ति चक्रधारी शरण सिंह  की एकलपीठ ने भागलपुर जिले के 38 ट्रेंड नियोजित शिक्षकों को राहत देते हुए यह आदेश दिया। कोर्ट ने सरकारी अधिकारियों को कड़ी हिदायत देते हुए कहा कि भविष्य में कोर्ट आदेशों का अनुपालन सही तरीके से करें ताकि नागरिक बेवजह मुकदमेबाजी से बच सकें। कोर्ट ने सरकार को आदर्श नियोक्ता ( मॉडल एम्प्लायर ) का पालन करने की सलाह देते हुए कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करे कि कोर्ट के आदेशों का पालन सही तरीके से किया जाय ताकि कोई नागरिक आदेशों के लाभ से वंचित न रह सके। कोर्ट ने भागलपुर जिले के डीएलएड ट्रेनिंग पाये 38 नियोजित शिक्षकों की ओर से दायर अर्जी पर सुनवाई की। कोर्ट ने इन सभी शिक्षकों को प्रशिक्षित वेतनमान का लाभ उनकी ट्रेनिंग समाप्त होने की तारीख से देने का आदेश दिया। साथ ही विभाग के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत प्रशिक्षित शिक्षकों को बढ़ा हुए पे-स्केल उनकी ट्रेनिंग समाप्त होने की तारीख से सांकेतिक तौर पर और उनके ट्रेनिंग रिज़ल्ट की तारीख से उन्हें वास्तविक लाभ देने का आदेश दिया गया था। आवेदकों की ओर से वकील सुनील कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि इसके पूर्व भी कोर्ट किशोर कुमार बनाम बिहार सरकार व अन्य के मामले में यह तय कर चुकी है कि नियोजित शिक्षकों को ट्रेनिंग समाप्त होने की तारीख से ही उन्हें प्रशिक्षित वेतनमान दिया जाएगा।

 
नई दिल्ली

घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को पिछले छह सत्र से जारी बढ़त का सिलसिला कायम नहीं रख सके और मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। BSE Sensex मंगलवार को 19.69 अंक यानी 0.04 फीसद की गिरावट के साथ 51,329.08 के स्तर पर बंद हुआ। दूसरी ओर, NSE Nifty 6.50 अंक या 0.04 फीसद की गिरावट के साथ 15,109.30 अंक के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी पर IOC, M&M, Tata Motors, JSW Steel और बजाज ऑटो के शेयर सबसे ज्यादा गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस, एशियन पेंट्स, एचडीएफसी लाइफ, ओएनजीसी और टाइटन के शेयर हरे निशान के साथ बंद हुए।  Sensex पर महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयरों में सर्वाधिक 3.62 फीसद की टूट देखने को मिली। वहीं बजाज फाइनेंस के शेयरों में 1.83 फीसद, आईटीसी के शेयरों में 1.76 फीसद, सन फार्मा के शेयरों में 1.73 फीसद, बजाज ऑटो के शेयरों में 1.69 फीसद और बजाज फिनजर्व के शेयरों में 1.30 फीसद की गिरावट देखने को मिली। इनके अलावा टीसीएस, इंडसइंड बैंक, हिन्दुस्तान यूनिलीवर लिमिटेड, पावरग्रिड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, एसबीआई, एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक और डॉक्टर रेड्डीज के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। दूसरी ओर, एशियन पेंट्स के शेयरों में सबसे ज्यादा 3.70 फीसद का उछाल देखने को मिला। इसके अलावा ओएनजीसी, टाइटन, लार्सन एंड टुब्रो, एक्सिस बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, नेस्ले इंडिया, मारुति, आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एचडीएफसी, भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज और इन्फोसिस के शेयर हरे निशान के साथ बंद हुए। 

 
नई दिल्ली

सोने एवं चांदी के वायदा भाव में मंगलवार को बढ़ोत्तरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह 11:21 बजे अप्रैल में डिलिवरी वाले सोने का दाम 164 रुपये यानी 0.34 फीसद की तेजी के साथ 48,003 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेंड कर हा था। इससे पिछले सत्र में अप्रैल अनुबंध वाले सोने का भाव 47,839 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा था। वहीं, जून 2021 कॉन्ट्रैक्ट वाले सोने का भाव 145 रुपये यानी 0.30 फीसद की बढ़त के साथ 48,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। इससे पहले सोमवार को जून 2021 में डिलिवरी वाले सोने का दाम 47,945 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर सुबह 11:22 बजे मार्च, 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 126 रुपये यानी 0.18 फीसद की तेजी के साथ 70,210 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेंड कर रही थी। इससे पिछले सत्र में मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी की कीमत 70,084 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। दूसरी ओर, मई 2021 में डिलिवरी वाली चांदी की कीमत 60 रुपये यानी 0.08 फीसद की तेजी के साथ 71,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर चल रही थी। इससे पहले सोमवार को मई 2021 में अनुबंध वाली चांदी की कीमत 71,140 रुपये प्रति किलोग्राम पर रही थी। विश्लेषकों का कहना है कि हाजिर बाजार में मांग बढ़ने से वायदा बाजार में भी सोने-चांदी की मांग निकली है। इस वजह से कीमतों में इजाफा देखने को मिला है। ब्लूमबर्ग के मुताबिक कॉमेक्स पर अप्रैल, 2021 में डिलिवरी वाले सोने का भाव 6.30 डॉलर यानी 0.34 फीसद की तेजी के साथ 1,840.50 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेंड कर रहा था। इसी तरह हाजिर बाजार में सोने का भाव 8.40 डॉलर यानी 0.22 फीसद की बढ़त के साथ 1,839.21 डॉलर प्रति औंस पर चल रहा था। दूसरी ओर, ब्लूमबर्ग के अनुसार कॉमेक्स पर मार्च, 2021 कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी की कीमत 0.04 डॉलर यानी 0.13 फीसद की गिरावट के साथ 27.54 डॉलर प्रति औंस पर चल रही थी। 

 
डायरेक्टर प्रशांत नील विशाल ‘देसी गर्ल’ प्रियंका चोपड़ा के साथ काम करने का प्लान बना रहे हैं। इन दिनों वो फिल्म 'सालार' की जबरदस्त प्लानिंग में लगे हैं। फिल्म 'सालार' के एक आइटम नंबर में सुपर स्टार प्रभास के साथ प्रियंका चोपड़ा के जरिए प्रशांत नील टॉलीवुड के साथ पूरे देश और विदेश के व्यूअर्स को भी टारगेट करना चाहते हैं।

फिल्म 'सालार' को लेकर जोरशोर से तैयारियां चल रही हैं और दर्शकों को बेसब्री से इस मूवी के आने का इंतजार है। ‘केजीएफ’ से मशहूर हुए डायरेक्टर ने प्रभास और प्रियंका चोपड़ा के आइटम नंबर में दोनों की रोमेंटिक केमेस्ट्री से देश और विदेश के दर्शकों में जगह बनाने का मूड बना चुके हैं। फिल्म में प्रभास एकदम नए अवतार में नजर आने वाले हैं। फिल्म 'सालार' की घोषणा पर प्रशांत नील ने कहा था कि वो दर्शकों के सामने एक ऐसी एक्शन फिल्म पेश करेंगे जैसी उन्होंने पहले कभी नहीं देखी होगी। प्रभास का नया अवतार उनके फैंस को बेहद पसंद आने वाला है।


प्रशांत नील को उनकी पिछली फिल्म 'केजीएफ' के डायरेक्शन के लिए बहुत सराहना मिली थी। अब वो अपनी नई फिल्म 'सालार' से भी वहीं प्यार कमाना चाहते हैं। 'बाहुबली' फेम प्रभास जैसे हिट मटेरियल के साथ काम करने का प्रशांत नील काफी समय प्लान कर रहे थे। अब प्रियंका चोपड़ा को साथ लाकर वो दर्शकों के लिए नया तड़का लगाना चाहते हैं।

 
बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ और कृति सेनन ने बॉलीवुड में अपनी शुरुआत 2014 में आई फिल्म 'हीरोपंती' से की थी। इस फिल्म की सफलता के बाद से ही दर्शक इस जोड़ी को बड़े परदे पर एक बार फिर देखने के लिए बेताब थे। हालांकि अब जो रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं उनमें लगातार यह दावा किया जा रहा है कि टाइगर श्रॉफ और कृति सेनन की जोड़ी एक बार फिर फिल्म 'गणपत' में दिखाई देगी। एक न्यूज पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक, विकास बहल के निर्देशन में बनने जा रही फिल्म 'गणपत' में टाइगर श्रॉफ के अपोजिट कृति सेनन लीड रोल में नजर आएंगी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कृति सेनन फिल्म में कई एक्शन सीन्स परफॉर्म करती दिखेंगी और एक्ट्रेस का इस तरह का अवतार आपने पहले कभी नहीं देखा होगा। कृति ने फिल्म की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। रिपोर्ट्स की मानें तो कृति से पहले इस फिल्म के लिए नोरा फतेही, सारा अली खान और इलियाना डिक्रूज जैसे कई नाम सामने आ रहे थे। 

वाशु और जैकी भगनानी द्वारा निर्मित यह फिल्म दो पार्ट में बनाई जाएगी। बीते दिनों ही फिल्म का मोशन पोस्टर शेयर किया था, जिसमें टाइगर श्रॉफ अपनी धांसू बॉडी को फ्लॉन्ट करते नजर आए थे। ये फिल्म इस साल में मिडिल में फ्लोर पर जाएगी। फिल्म में टाइगर श्रॉफ एक बॉक्सर के किरदार में दिखाई देंगे। इस फिल्म के अलावा टाइगर श्रॉफ इन दिनों अपनी अपकमिंग 'बागी 4' के चलते भी चर्चा में बने हुए हैं। 


 वॉर से धमाकेदार एंट्री करने वाली अभिनेत्री वाणी कपूर ने साफ किया है कि मुझे ऐसी फिल्में नहीं करनी जिनमें नायिका सिर्फ सजावट की चीज हो। वह ऐसी फिल्में करना चाहती हैं, जिनमें उनके किरदार की कहानी में अहमियत हो और जिनमें नायिका को भी उसके पूरे आत्मसम्मान के साथ पेश किया जाए। वाणी कहती हैं, ‘एक महिला होने के नाते  मैं ऐसी फिल्में करना पसंद करूंगी, जो महिलाओं, उनके जीवन और उनके फैसलों का सम्मान करती हों। मेरी खुशकिस्मती है कि इतने छोटे से कैरियर में मुझे ‘शुद्ध देसी रोमांस’, ‘बेफिक्रे’ और ‘वॉर’ जैसी फिल्में करने को मिलीं। इन फिल्मों में महिलाओं के कुछ बेहतरीन पक्ष दिखाए गए। इनमें बताया गया कि महिलाएं किस प्रकार स्वतंत्र भावनाओं वाली, महत्वाकांक्षी, दृढ़ और मजबूत होती हैं।’

 
एक्ट्रेस काजल अग्रवाल इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव है। आए दिन ही वह अपनी निजी जिंदगी से जुड़ी तमाम बातें फैंस के साथ शेयर करती हैं। हाल ही में 'सिंघम' एक्ट्रेस ने इंस्टाग्राम पर अपनी नई तस्वीर शेयर की है, जिसमें उन्होंने अपनी एक बीमारी के बारे में खुलासा किया है। पोस्ट को पढ़कर फैंस उनके जोश को सलाम कर रहे हैं और उनके एक बेहतरीन सीख ले रहे हैं। 

काजल ने इंस्टाग्राम पोस्ट में अस्थमा में राहत पहुंचाने वाले इन्हेलर्स की अहमियत पर जोर डाला और इसके महत्व को समझाने की कोशिश की है। एक्ट्रेस ने पोस्ट में लिखा कि इनहेलर्स कितना महत्वपूर्ण है और अस्थमा की सिचुएशन में डेयरी और चॉकलेट से वह कैसे दूर रहीं। 


काजल अग्रवाल लिखती हैं कि निजी तौर पर या सार्वजनिक रूप से इनहेलर का इस्तेमाल करने पर शर्म करने जैसा कुछ भी नहीं है। काजल ने बताया कि जब मुझे अपने आप में ब्रोन्कियल अस्थमा का पता चला था, मुझे अच्छे से याद है कि उस वक्त मेरी पसंदीदा चीजों को खाने से रोक दिया गया था। कल्पना कीजिए कि एक बच्चे क लिए डेयरी प्रोडक्ट्स और चॉकलेट से दूर रहना कितना मुश्किल रहा होगा। ये मेरे लिए आसान नहीं था। जैसे-जैसे मैं बड़ी हुई मुझे चीजें समझ आने लगीं। उस बीच जब भी कहीं किसी ट्रिप जाती थी तो अक्सर मेरा सामना, सर्दी, डस्ट यानी धूल, धुएं जैसी चीजों से होता था और इस वजह मझे काफी परेशानी होती थी। अस्थमा के लक्षण उभरने लगते थे या आसान भाषा में कहें कि इन चीजों के सामने आने से सांस फूलने लगती थी। 

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