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uddhav thackeray

मुंबई

राज्य में कोरोना की दूसरी लहर से निपटने में दिन-रात काम करने वाले डॉक्टरों की मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सराहना की है. रविवार को वर्चुअल माध्यम से राज्य टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों की बैठक आयोजित की गई जिसमें डॉक्टरों से संवाद करते हुए सीएम ने पूछा कि कोरोना पर लगाम कसने के लिए क्या उपाय किया जाना चाहिए, जिससे मरीज जल्द स्वस्थ हो सकें. संवाद के दौरान सीएम ने डॉक्टरों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। उल्लेखनीय है कि एक सप्ताह के भीतर मुख्यमंत्री डॉक्टरों के साथ दो बार बैठक कर चुके हैं. पहली बैठक में करीब 300 और दूसरी बैठक में 700 डॉक्टरों के साथ सीएम ने कोरोना के संबंध में चर्चा की. सीएम ठाकरे ने डॉक्टरों के सुझावों को ध्यान से सुना और कहा कि इसे लागू करने के लिए सरकार जरूर विचार करेगी।

तीसरी लहर के लिए तैयार रहने का आह्वान

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले  स्वास्थ्यकर्मियो की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है. आज देश में भी इनके प्रयासों की चर्चा हो रही है. उन्होंने डॉक्टरों से कोरोना की तीसरी लहर का सामना करने के लिए तैयार रहने के लिए आह्वान किया। कोरोना काल में फैमिली डॉक्टरों ने बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। क्योंकि किसी भी छोटी या बड़ी बीमारी में मरीज सबसे पहले अपने नजदीकी पारिवारिक डॉक्टर से संपर्क करता है। उन्होंने कहा कि यदि आप ‘मेरे डॉक्टर’ बनकर आम जनता का मार्गदर्शन करते हैं, तो इस बीमारी को शुरुआती चरण में ही रोका जा सकता है.

कोविड सेंटरों में निजी डॉक्टरों से सेवा देने की अपील  

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना को मात देने के लिए प्राइवेट डॉक्टरों को जंबो कोविड सेंटरों पर अपनी सेवा देनी चाहिए। इसके लिए कोविड सेंटर में जाकर अपना नाम रजिस्ट्रेशन करना चाहिए। राज्य में 1,270 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन होता था, लेकिन मरीजों की संख्या को देखते हुए उत्पादन बढ़ाकर 1,700 मीट्रिक टन कर दिया है।

टास्क फोर्स ने किया शंकाओं का समाधान

बैठक में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. प्रदीप व्यास,  मुख्य सचिव, डॉ. संजय ओक, डॉ. शशांक जोशी, डॉ. राहुल पंडित और टास्क फोर्स के प्रमुख डॉ. तत्याराव लहाने ने कोविड के उपचार के तरीकों पर डॉक्टरों का मार्गदर्शन किया, साथ ही उनकी शंकाओं का समाधान किया। लहाने ने विस्तार से बताया कि कोरोना पीड़ित मरीज को कितना स्टेरॉयड, छह मिनट के वॉक टेस्ट का महत्व, कैसे पहचानें कि ऑक्सीजन की कब आवश्यकता है, फंगल श्लेष्म मायकोसिस में क्या इलाज करना है, ऑक्सीजन का स्तर जोखिम में क्या है, कब और कितनी मात्रा में रेमडेसिविर का उपयोग करना है. इन सभी विषयों पर गंभीरता से चर्चा की गई।

तीसरी लहर को लेकर बच्चों पर रखी जाए नजर

बैठक में कोरोना की आने वाली संभावित तीसरी लहर में बच्चों की देखभाल को लेकर राज्य के बालरोग विशेषज्ञों की एक टास्क फोर्स  के गठन पर चर्चा की गई. साथ ही बच्चों में उनके व्यवहार में परिवर्तन, बुखार, दस्त, कमी या असंतोष जैसे लक्षणों पर भी ध्यान दिया जाना है। इसके साथ उन्हें दूध और पौष्टिक आहार देने के लिए माता-पिता को प्रेरित किया जाना चाहिए।

आयुर्वेदिक और होमियोपैथिक डॉक्टरों को शामिल करने का सुझाव  

बैठक में शामिल कुछ डॉक्टरों ने टास्क फोर्स के विशेषज्ञ डॉक्टरों से कोरोना की लड़ाई में काम करने वाले आयुर्वेद और होमिओपैथ के  डॉक्टरों को भी इसमें शामिल करने का सुझाव दिया।


मरीजों को घरेलू उपचार की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि तबियत ख़राब होने पर फैमिली डॉक्टर से जांच कराने के बाद अगर रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो लोगों को तत्काल घर पर ही उपचार शुरू कर देना चाहिए। हलके लक्षण वाले मरीज घरेलु उपचार से स्वस्थ्य हो जाएंगे। इस भंयकर बीमारी में सोच  पॉजिटिव रखना आवश्यक है, ताकि मानसिक तकलीफ न हो. यदि स्वास्थ्य बिगड़ रहा है, तो समय पर अस्पताल में भर्ती करना चाहिए। सीएम ने कहा कि डॉक्टरों को व्यक्तिगत रूप से उन मरीजों पर ध्यान देने की जरूरत है जिनका उपचार घर पर चल रहा है. प्रोटोकॉल के तहत उनका उपचार चल रहा है कि नहीं इसकी पूरी जानकारी वार्ड अधिकारियों को दी जानी चाहिए।



 

oxygen

मुंबई

भारतीय रेल वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोगों को राहत पहुंचा रही है। रेलवे ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 268 टैंकरों में लगभग 4200 मैट्रिक टन चिकित्सा उपयोग हेतु ऑक्सीजन की आपूर्ति की है। इसमें से महाराष्ट्र को 293 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 68 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है।

अब रेलवे ने और अधिक शहरों में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस क्रम में कानपुर में पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची। रेलवे द्वारा की जा रही ऑक्सीजन की ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है और ढुलाई से जुड़े आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।

किस राज्य को कितनी ऑक्सीजन

महाराष्ट्र : 293 मैट्रिक टन  

उत्तर प्रदेश : 1230 मैट्रिक टन

मध्य प्रदेश :  271 मैट्रिक टन

हरियाणा : 555 मैट्रिक टन,

तेलंगाना : 123 मैट्रिक टन

राजस्थान :  40 मैट्रिक टन

दिल्ली : 1679 मैट्रिक टन



 

oxygen

मुंबई

भारतीय रेल वर्तमान समय में मौजूद चुनौतियों का सामना करते हुए और नए उपायों की तलाश के साथ देश के विभिन्न राज्यों की मांग पर तरल चिकित्सा ऑक्सीजन की आपूर्ति के अपने अभियान को निरंतर जारी रख लोगों को राहत पहुंचा रही है। रेलवे ने अब तक देश के विभिन्न राज्यों में 268 टैंकरों में लगभग 4200 मैट्रिक टन चिकित्सा उपयोग हेतु ऑक्सीजन की आपूर्ति की है। इसमें से महाराष्ट्र को 293 मैट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति हुई है। इस अभियान के अंतर्गत अब तक 68 ऑक्सीजन एक्सप्रेस की यात्रा पूरी हो चुकी है।

अब रेलवे ने और अधिक शहरों में भी ऑक्सीजन की आपूर्ति शुरू कर दी है। इस क्रम में कानपुर में पहली ऑक्सीजन एक्सप्रेस से 80 मैट्रिक टन ऑक्सीजन पहुंची। रेलवे द्वारा की जा रही ऑक्सीजन की ढुलाई एक जटिल प्रक्रिया है और ढुलाई से जुड़े आंकड़े लगातार अपडेट किए जा रहे हैं।

किस राज्य को कितनी ऑक्सीजन

महाराष्ट्र : 293 मैट्रिक टन  

उत्तर प्रदेश : 1230 मैट्रिक टन

मध्य प्रदेश :  271 मैट्रिक टन

हरियाणा : 555 मैट्रिक टन,

तेलंगाना : 123 मैट्रिक टन

राजस्थान :  40 मैट्रिक टन

दिल्ली : 1679 मैट्रिक टन



 

rashmi shukla

मुंबई

आईपीएस अधिकारी रश्मि शुक्ला से जल्द ही गोपनीय जानकारी लीक करने के मामले में पूछताछ की जाएगी। उनका बयान दर्ज करने के लिए सायबर अपराध टीम हैदराबाद जा सकती है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सोमवार या मंगलवार को यह टीम हैदराबाद पहुंचेगी और उनसे पूछताछ करेगी। वो सभी प्रश्न भी तैयार कर लिए गए हैं, जो उन्हें पूछा जाना है।  रश्मि शुक्ला महाराष्ट्र महाराष्ट्र कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। फिलहाल वे केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर सीआरपीएफ में हैदराबाद में कार्यरत हैं। सायबर पुलिस ने उन्हें दो बार सम्मन भेजकर उनके मुंबई स्थित आवास पर बयान दर्ज करवाने के लिये कहा था, लेकिन दूसरा सम्मन मिलने के बाद रश्मि शुक्ला ने सम्मन के विरोध में बॉम्बे उच्च न्यायालय में पिटीशन फाइल किया था, जिसके बाद न्यायालय ने उन्हें गिरफ्तार न करने के लिए कहते हुए उनका बयान हैदराबाद जाकर दर्ज करने के लिए कहा था, जिसके बाद अब उपायुक्त के नेतृत्व में जांच अधिकारी एन के जाधव और अन्य पुलिस अधिकारी हैदराबाद जाकर उनसे पूछताछ कर उनका स्टेटमेंट दर्ज करेंगे। शुक्ला ने महाराष्ट्र राज्य में गुप्तचर विभाग की प्रमुख रहते हुए गोपनीय रिपोर्ट तैयार की थी। यह रिपोर्ट लीक हुई थी, जिसे नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने दिखाया था। इसी के बाद मुख्य सचिव ने रिपोर्ट तैयार की जिसके आधार पर मुंबई पुलिस की सायबर अपराध शाखा ने एफआईआर दर्ज किया। 



 

sanjay raut

मुंबई

2014 लोकसभा चुनाव से लगातार बैकफुट पर जा रही कांग्रेस 2024 के लोकसभा चुनाव तक क्या यूपीए का नेतृत्व करने लायक रहेगी या नहीं, यह बड़ा सवाल है। रविवार को पार्टी के मुखपत्र के माध्यम से शिवसेना सांसद एवं प्रवक्ता संजय राउत ने कांग्रेस पर बड़ा हमला बोला है। राज्य की महाविकास आघाडी सरकार की सहयोगी कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए राउत ने कहा कि हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल में विधानसभा में विपक्ष की भूमिका निभाने वाली कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। ममता बनर्जी की जीत पर  ख़ुशी है, लेकिन कांग्रेस की हुई हार ठीक नहीं है।  राउत ने आगे कहा कि 2024 के चुनावी परिदृश्य में कांग्रेस कहां होगी इस पर विचार करने की जरूरत है। ममता बनर्जी की जीत के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव में कोई नई दिशा मिलेगी क्या ? विपक्ष अगर एक साथ गठबंधन की कोशिश करता है तो उसका नेत़ृत्व कौन करेगा ? यह एकमत से तय हो जाना चाहिए। उसमें कांग्रेस की भी सहमति होनी चाहिए। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए राउत ने पार्टी के नेतृत्व पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को चुनौती देने के लिए कांग्रेस के स्थान पर अन्य पार्टी के नेता को नेतृत्व करने की जरूरत है। 



जयंत पाटिल की मांग  

jayant patil

मुंबई

राष्ट्रवादी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और जलसंपदा मंत्री जयंत पाटिल ने एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कर्मवीर भाऊराव पाटिल को मरणोपरांत भारत रत्न देने की मांग की है। पाटिल ने तीन साल पहले यह मांग की थी। रविवार को कर्मवीर भाऊराव पाटिल की स्मृति दिवस पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फिर यह मांग की। पाटिल ने कहा कि कर्मवीर भाऊराव पाटिल ने रयत शिक्षण संस्था के माध्यम बहुजनों को शिक्षा की तरफ मोड़ा। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन बहुजनों की शिक्षा के लिए समर्पित किया, ऐसे में उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाए। पाटिल ने तीन साल पहले यह मांग की थी। कर्मवीर भाऊराव पाटिल ने संकल्प लिया था कि उनकी दाढ़ी में जितने बाल हैं, उतने लोगों को शिक्षित करेंगे। इसके बाद उन्होंने रयत शिक्षा संस्थान की स्थापना की और निरंतर ज्ञानोदय का कार्यक्रम चलाया। जयंत पाटिल ने कहा कि रयत शिक्षण संस्थान नामक बरगद का पेड़ आज भी खड़ा है और गरीब बच्चों को शिक्षित कर रहा है।



 कैटरीना कैफ का फिटनेस रुटीन

 


बॉलीवुड एक्ट्रेस कैटरीना कैफ की सुंदरता के सभी दीवाने हैं। 37 साल की उम्र में उन्होंने खुद को जिस तरह से फिट रखा हुआ है वो काबिले तारीफ है। कैटरीना कैफ निश्चित रूप से बॉलीवुड में सबसे फिट अभिनेत्रियों की लिस्ट में नंबर वन पर आती हैं। अच्छी दिखने वाली बॉडी को बिना किसी मेहनत के हासिल नहीं किया जा सकता है, ये बात कैटरीना खूब समझती हैं, इसी वजह से कैटरीना कभी भी अपनी फिटनेस के साथ समझौता नहीं करती।

अपनी बॉडी को शेप में रखने के लिए कैटरीना कैफ नो शॉर्टकट्स में यकीन रखती हैं। कैटरीना पिलेट्स करती है क्योंकि ये आपके कोर पर काम करता है। इसके अलावा वो कार्डियो करना भी पसंद करती हैं। कटरीना के हर वर्कआउट प्लान में ऐसे व्यायाम शामिल होते हैं जो उनके शरीर की ताकत और लचीलेपन को बढ़ाते हैं। इसके अलावा बात करें कैटरीना कैफ के डाइट प्लान की तो हर दिन वो अपने खाने में पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, कार्ब्स और स्वस्थ वसा लेती हैं। जिसमें सैंडविच, फल, मछली सूप और अंडे का सफेद भाग शामिल है। कैटरीना के अनुसार ये भी जरूरी है कि आप उस वर्कआउट से प्यार करें जो आप करते हैं, नहीं तो आपको इसमें मजा नहीं आएगा और इसलिए आप लंबे समय पर इसे कंटिन्यू नहीं कर पाएंगे।



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