नई दिल्ली
केंद्र सरकार ने गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट को बताया कि उसने पिछले साल अक्टूबर में ही अमेरिकी कंपनी वन सिग्नल इंक का आईपी एड्रेस अनब्लॉक कर दिया था। सिग्नल इंक एक ऐप है जो मोबाइल और वेब के जरिए मैसेज सर्विस मुहैया कराता है।
जस्टिस प्रतिभा एम. सिंह के समक्ष सरकार और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना तकनीक मंत्रालय की ओर से पेश वकील ने यह जानकारी दी। वकील ने कहा कि संचार विभाग ने सिग्नल इंक का आईपी एड्रेस पिछले साल ही अक्टूबर में खुद से अनब्लॉक कर दिया है। मंत्रालय ने सिग्नल इंक की ओर से दाखिल याचिका के जवाब में हाईकोर्ट को यह जानकारी दी है।
अमेरिकी कंपनी ने अपनी याचिका में दावा किया है कि भारत सरकार ने बगैर उसका पक्ष सुने और कारण बताए ही उसके आईपी एड्रेस को ब्लॉक कर दिया है। सरकार से मिली जानकारी के बाद कंपनी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि उन्हें इस बात की जांच करनी होगी कि संचार विभाग ने इस तरह का आदेश जारी किया है या नहीं। इसके बाद हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई 1 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी। मंत्रालय की ओर से पेश वकील ने कहा कि संचार विभाग ने 9 अक्टूबर, 2020 को ही सिग्नल इंक का आईपी एड्रेस अनब्लॉक करने का आदेश दिया था। मंत्रालय ने कहा कि आईपी एड्रेस अनब्लॉक करने की जानकारी इंटरनेट मुहैया कराने वाली सभी कंपनियों को भेज दी गई। अमेरिकी कंपनी ने आईपी एड्रेस ब्लॉक करने के केंद्र सरकार के निर्देश को भारत में कारोबार करने के अपने अधिकार के खिलाफ बताया।

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