सरकार की सख्ती देख आखिरकार ट्विटर हरकत में आ गया है। कंपनी ने 126 ऐसे यूआरएल ब्लॉक कर दिए हैं जो किसान आंदोलन की आड़ में भारत में हिंसा व उपद्रव को भड़काने के लिए किए जा रहे ट्वीट के साथ शेयर किए जा रहे थे। हालांकि ट्विटर ने पूरी तरह से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के निर्देश के मुताबिक कार्रवाई नहीं किया है। अभी भी भड़काऊ पोस्ट करने वाले कई ट्विटर अकाउंट सक्रिय हैं। भारत में ट्विटर के शीर्ष अधिकारी ने आइटी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की गुहार लगाई है। सूत्रों के मुताबिक ट्विटर के अधिकारी से आइटी मंत्रालय के सचिव बात कर सकते हैं।
सरकार ने ट्विटर से पाकिस्तान एवं खालिस्तान समर्थन वाले 1,178 अकाउंट के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा था जिनके ट्वीट भारत की एकता एवं अखंडता के लिए खतरनाक साबित हो सकते थे और जिससे भारत में अशांति फैल सकती थी। सूत्रों के मुताबिक इनमें से 583 अकाउंट अब काम नहीं कर रहे हैं। गत चार फरवरी को मंत्रालय की तरफ से ऐसे अकाउंट की सूची ट्विटर को सौंपी गई थी। हालांकि, दो दिन पहले तक सभी अकाउंट सक्रिय बताए जा रहे थे। इससे पहले 31 जनवरी को मंत्रालय ने ट्विटर को 257 ऐसे यूआरएल की सूची दी थी जो भड़काऊ हैशटैग से किए जा रहे ट्वीट के साथ शेयर किए जा रहे थे।

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