नए कृषि कानूनों को लेकर जारी किसानों के आंदोलन के बीच पीएम नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत नौ करोड़ किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार के मंत्री अलग-अलग जगहों से किसानों से जुड़े थे। इसी दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के महरौली में सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार किसान संगठनों के साथ खुले दिल से वार्ता को तैयार है। उन्होंने कहा कि एमएसपी को लेकर विपक्ष किसानों को भ्रमित कर रही है, जबकि यह व्यवस्था कभी खत्म नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह और नरेंद्र सिंह तोमर ने भी एमएसपी को लेकर किसानों के भ्रम को दूर करने की कोशिश की।
अमित शाह ने कहा, ‘जब नरेंद्र भाई प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना लेकर आए तब राहुल बाबा समेत विपक्ष के सारे नेता कहते थे कि किसानों का ऋण माफ करो। कांग्रेस की सरकार ने 10 साल में 60,000 करोड़ का ऋण माफ किया। नरेंद्र मोदी ने ढाई साल में ही 95,000 करोड़ सीधे किसानों के अकाउंट में डलवा दिए। उन्होंने आगे कहा, ‘ये तीनों कानून किसानों के हित में हैं। कोई भी एमएसपी व्यवस्था को हटा नहीं सकता और न ही किसानों की जमीन उनसे छीन सकता है। सरकार खुले दिल से किसान संगठनों से बातचीत के लिए तैयार है।’ अमित शाह ने कहा कि विपक्ष एमएसपी को लेकर किसानों को भ्रमित कर रहा है। एमएसपी सिस्टम बना रहेगा।
केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों के लिए तीन क़ानून बनाए गए हैं। लेकिन आज कुछ लोगों के द्वारा गलतफहमी पैदा की जा रही है कि एमएसपी खत्म कर दी जाएगी। मैं किसानों को वचन दे रहा हूं कि किसी भी कीमत पर एमएसपी खत्म नहीं होगी।’
क्या बोले कृषि मंत्री तोमर?
केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने भी किसानों को भ्रमित बताते हुए कहा, ‘पंजाब सहित थोड़े से कुछ किसान भाई-बहनों के मन में नए कानूनों को लेकर भ्रम पैदा हुआ है। मैं उनको आग्रह करता हूं कि वो इस आंदोलन को त्याग कर सरकार के वार्ता के निमंत्रण पर आएं। मुझे आशा है कि किसान नए कानून के मर्म और महत्व को समझेंगे और हम समाधान की ओर
अग्रसर होंगे

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