नई दिल्ली
रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश के नए दौर को वेयरहाउसिंग, अफोर्डेबल हाउसिंग और डेटा सेंटर की ग्रोथ से बढ़ावा मिलने का अनुमान इंडियन रियल एस्टेट सेक्टर में प्राइवेट इक्विटी इनवेस्टमेंट अगले साल बाउंस बैक कर सकता है और यहां पिछले साल से 30 पर्सेंट ज्यादा यानी छह अरब डॉलर का निवेश आ सकता है। बिजनेस में आसानी बढ़ाने के लिए सरकारी नीतियों में किए जा रहे सुधार और अहम इमर्जिंग सेक्टर में ग्रोथ से बेहतर हो रहे इकनॉमिक सेंटीमेंट का इसमें बड़ा हाथ होगा। ग्लोबल प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म सेविल्स इंडिया ने इन बातों का जिक्र अपनी हालिया रिपोर्ट ‘बियोंड द 20: प्राइवेट इक्विटी इन इंडियन रियल एस्टेट’ में किया है।
मिलेगा निवेश को बढ़ावा
कंसल्टेंसी फर्म सेविल्स का कहना है कि इंडियन रियल एस्टेट सेक्टर में इनवेस्टमेंट के नए दौर को बढ़ावा कमर्शियल ऑफिस सेगमेंट की स्थिति में हो रहे सुधार के साथ वेयरहाउसिंग, अफोर्डेबल हाउसिंग और डेटा सेंटर की ग्रोथ से मिलेगा। इस सेक्टर के इनवेस्टमेंट सेंटीमेंट को इकनॉमिक ग्रोथ में होने वाले सुधार, अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक रिश्तों में बेहतरी, सरकार की तरफ से मिलने वाले पॉलिसी सपोर्ट और टीकाकरण में होनेवाली प्रगति से सपोर्ट मिलेगा।
मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स का सपोर्ट
सेविल्स के मुताबिक, रियल एस्टेट सेक्टर में PE इनवेस्टमेंट इकनॉमिक और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ के अलावा मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स जैसे सेक्टर की ग्रोथ पर निर्भर करता है जबकि जियोपॉलिटिकल सिचुएशन और गवर्नमेंट पॉलिसी इसकी राह में बाधाएं खड़ा करते नजर आते हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि इकनॉमिक एक्टिविटी घटने से इस साल इंडियन रियल एस्टेट सेक्टर में PE इनवेस्टमेंट 4.6 अरब डॉलर रह सकता है लेकिन इनवेस्टर 2021 में नए वैश्विक हालात के हिसाब से अपनी रणनीति बदल सकते हैं।
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