ग्लोबल हाईटेक पावर के विकास, क्रांति का केंद्र बन रहा भारत :मोदी


नयी दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवोन्मेष में भारत की एक समृद्ध विरासत रही है और आज भारत ‘ग्लोबल हाईटेक पावर’ के विकास और क्रांति का केंद्र बन रहा है। वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से चार दिवसीय भारतीय अंतरराष्ट्रीय विज्ञान महोत्सव (आईआईएसएफ) के छठे संस्करण का उद्घाटन करने के बाद उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत में अभाव और प्रभाव के अंतर को कम करने में सेतु का काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, ‘आज गांव में इंटरनेट का इस्तेमाल करने वालों की संख्या शहरों से ज्यादा है। गांव का गरीब किसान भी डिजिटल पेमेंट कर रहा है। आज भारत की बड़ी आबादी स्मार्ट फोन आधारित ऐप से जुड़ चुकी है। आज भारत ग्लोबल हाईटेक पावर के विकास और क्रांति दोनों का केन्द्र बन रहा है।’ उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के माध्यम से गरीब से गरीब को भी सरकार के साथ सीधे जोड़ा गया है और सामान्य भारतीयों को ताकत भी दी है और सरकारी सहायता की सीधी तेज आपूर्ति का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, ‘बीते छह साल में युवाओं को अवसरों से जोड़ने के लिए देश में विज्ञान और प्रौद्योगिक के उपयोग का विस्तार किया गया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी भारत में अभाव और प्रभाव के अंतर को भरने का बहुत बड़ा सेतु बन रहे हैं।’ प्रधानमंत्री ने कोरोना के टीके के इजाद में लगे वैज्ञानिकों की सराहना की और कहा कि विज्ञान व्यक्ति के अंदर के सामर्थ्य को बाहर लाता है। उन्होंने कहा,, ‘यही भावना हमने कोविड वैक्सीन के लिए काम करने वाले हमारे वैज्ञानिकों में देखी है। हमारे वैज्ञानिकों ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हमें बेहतर स्थिति में रखा है।’ केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री हर्षवर्धन भी इस अवसर पर उपस्थित थे।उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू महोत्सव के आखिरी दिन 25 दिसंबर को संबोधित करेंगे।

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